Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 26 of 26's Posts

होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ

होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ? जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ! होता है खौफ यादों का इसकदर, जाँम की महफिल में नजर आता हूँ!   यूँ न मुस्कराओ तुम नजरें बदलकर! नीयत पिघल रही है मेरी मचलकर! धधक रही है चाहत गुफ्तगूं के लिए, ख्वाहिशों की जैसे करवट बदलकर! Written By मिथिलेश राय ( महादेव ) »

मत पूछो हालत मेरे हालात की

मत पूछो हालत मेरे हालात की! सहर कब होगी मेरे गम-ए-रात़ की? ना-काफी है गुफ्तगूं अब नजरों से, तड़प जागी है फिर से मुलाकात की! Written By #महादेव »

मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ

मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ! ज़िन्दगी को दर्द-ए-शुदा मान बैठा हूँ! खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर, हर शक्स से खुद को जुदा मान बैठा हूँ! Written By #महादेव »

जब किसी की यादें आस-पास होती हैं!

जब किसी की यादें आस-पास होती हैं! शाँम की तन्हाईयाँ कुछ खास होती हैं! कोई ख्वाब देखती हैं निगाह इसतरह, धड़कनें #इरादों की एहसास होती हैं! Written By #महादेव »

हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं!

हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात से हम खो गये हैं! हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह, ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं!] »

साँसों की आरजू मचलने दो!

साँसों की आरजू मचलने दो! रोशनी चाहतों की जलने दो! नज़र में आयी है याद तेरी, सरहदें ख्वाबों की पिघलने दो!     हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात में हम खो गये हैं! हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह, ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं! Written By मिथिलेश राय ( महादेव ) »

दीदार-ए-नजर जो हो गयी है

दीदार-ए-नजर जो हो गयी है! आज कयामत़ सी हो गयी है! हसीन लम्हों में उलझा हूँ मैं, जिन्दगी ख्वाबों में खो गयी है! जी रहा हूँ मैं तेरी यादों को लेकर! दर्द़ बन गया हूँ मैं मुरादों कोलेकर! खोजता हूँ हरतरफ़ मंजिलों को अपनी, ‪‎हालात‬ के भँवर में इरादों को लेकर! जागी है इसतरह से तेरी कामना! जाँम को लबों से हो जैसे थामना! बर्फ सी पिघल रही है हसरतें मेरी, ख्वाब का हो आग से जैसे सामना! Written By ‪#‎महादेव‬ »

बूँद बारिश की यादें ले आयी है

बूँद बारिश की यादें ले आयी है! चाहतों की फरियादें ले आयी है! करवटें फिर ले रही है रात मेरी, दिल में तेरी #इरादें ले आयी है! Written By #महादेव »

तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा

तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा! गुजरा हुआ मंजर तुमको नज़र आएगा! ‪ #‎बिखरे‬ हुए अफसाने घेरेंगे इसतरह, दर्द का समन्दर पलकों में उतर आएगा! Written By ‪#‎महादेव‬ »

ख्वाबों के दरमियाँ सवाल आ गये हैं

ख्वाबों के दरमियाँ सवाल आ गये हैं! नाकामियों के फिर ख्याल आ गये हैं! उठ रहीं हैं लहरें इसकदर यादों की, दर्द बनकर सूरत-ए-मलाल आ गये हैं! »

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