Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 26 of 35's Posts

मुक्तक

मेरी मुहब्बत को तुम अल्फाज दे दो! मेरी मंजिलों को तुम आवाज दे दो! कबतलक सह पाऊँगा तेरे सितम को? मेरी जिन्दगी को तुम आगाज दे दो!   रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’ »

मुक्तक

ख्वाबों के जहाँन हमेशा नहीं रहते! जख्मों के निशान हमेशा नहीं रहते! रुकते नहीं हैं रास्ते मंजिल के कभी, दर्द़ के तूफान हमेशा नहीं रहते!   रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’ »

मुक्तक

क्यों है तेरी बेरुखी क्यों तुम बदल गये हो? बेबसी के कदमों से मुझको कुचल गये हो! सूरतें उम्मीदों की अब आती नहीं नजर, मजबूरी के साँचे में क्यों तुम ढल गये हो?   रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’ »

मुक्तक

तेरे लिए मैं तो भूला हूँ जमाने को! यादें ले आती हैं गुजरे अफसाने को! तेरा जिक्र आता है जब किसी महफिल में, दर्द खोज लेता है मेरे ठिकाने को!   रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’ »

मुक्तक

मेरी तन्हाई में दिल की बात होने दो! मेरी जिन्द़गी की तन्हा रात होने दो! सरहदें पिघल रहीं हैं तेरी यादों की, हसरतों से मेरी मुलाकात होने दो!   Composed by #Mahadev »

मुक्तक

तेरा ख्वाब पलकों में पुराना नहीं होता! तेरे बगैर मेरा मुस्कुराना नहीं होता! मिल जाती मंजूरे-नजर मुझको जो तेरी, दर्द का यूँ जिन्दगी में आना न होता!   Composed by महादेव   »

मुक्तक

मेरी उल्फत़ को अभी कोई नाम न दो! मेरी जिन्द़गी को कोई इल्जाम न दो! बहके हुये इशारों से तड़पाओ न मुझे, सुलगे हुये इरादों की कोई शाम न दो! Composed By #महादेव »

मुक्तक

बीता हुआ जमाना आया है याद मुझे! तेरे दर्द़ का तड़पाता फरियाद़ मुझे! जिन्दगी बेताब है तुमको फिर पाने को, हसरतें बेसब्र हैं करने को बर्बाद मुझे! Composed By #महादेव »

मुक्तक

मुक्तक

तेरा जिक्र दर्द का बहाना बन जाता है! मेरे ख्यालों का अफसाना बन जाता है! तेरी आरजू में तड़पती है जिन्द़गी, यादों का दिल में ठिकाना बन जाता है! Composed By #महादेव »

मुक्तक

मेरी तन्हाई से दिल की बात होने दो! मेरी जिन्द़गी की तन्हा रात होने दो! सरहदें पिघल रही हैं तेरी यादों की, हसऱतों से मेरी मुलाकात होने दो!   Composed By #महादेव »

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