Mithilesh Rai, Author at Saavan's Posts

मुक्तक

तेरी जुदाई से मैं हरपल डर रहा हूँ! तेरी बेरुखी से मैं हरपल मर रहा हूँ! कबसे भटक रहा हूँ मैं तेरे ख्यालों में, शामें-मय़कशी तेरे नाम कर रहा हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

तेरे लिए मैं अपना ठिकाना भूल जाता हूँ! तेरे लिए मैं अपना जमाना भूल जाता हूँ! मदहोश हो चुका हूँ तेरी चाहत में इतना, तेरे लिए जाम का पैमाना भूल जाता हूँ! मुक्तककार- #महादेव'(26) »

मुक्तक

कई बार वक्त का मैं निशान देखता हूँ! कई बार मंजिलों का श्मशान देखता हूँ! दर्द की दहलीज पर बिखरा हूँ बार-बार, कई बार सब्र का इम्तिहान देखता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

तुम बार बार नजरों में आया न करो! तुम बार बार मुझको तड़पाया न करो! जिन्दा है अभी जख्म गमें-बेरुखी का, तुम बार बार दर्द को बुलाया न करो! मुक्तककार- #महादेव'(22) »

मुक्तक

जब इरादों की तन्हा रात होती है! तेरी यादों से मुलाकात होती है! खोज लेती है नज़र हसरतें तेरी, दिल में मुरादों की सौगात होती है! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

बेकरारी दिल की तेरे नाम से मिलती है! रोशनी चाहत की तेरे नाम से जलती है! तेरी याद भी आती है तूफानों की तरह, साँस जिन्द़गी की तेरे नाम से चलती है! मुक्तककार- #महादेव'(26) »

मुक्तक

आज भी तेरे हैं तलबगार हम! हुस्न की बाँहों में गिरफ्तार हम! खौफ नहीं है हमको अंजाम का, हर जख्म़ के लिए हैं तैयार हम! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ! शामों-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ! जिन्द़गी थक जाती है करवटों से लेकिन, नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार 25) »

मुक्तक

तेरी ‘#आरजू हर-वक्त हमारी है! सिलसिला दर्द का आज भी जारी है! खुदकुशी ख्याल की हो रही है जबसे, मेरी मयकशी वक्त-ए-लाचारी है! #महादेव_की_कविताऐं'(21) »

मुक्तक

तेरी यादों में एक तन्हाई सी रहती है! तेरे ख्यालों में एक गहराई सी रहती है! झूमती है जब कभी जिन्द़गी मयखानों में, हुस्न की नजरों में अंगड़ाई सी रहती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26) »

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