Mithilesh Rai's Posts

मुक्तक

तन्हा रात हुई है फिर कुछ होने को है! किसी की यादों में जिन्दगी खोने को है! चाँद तमन्नाओं का फिर आया है नजर, मेरी जुस्तजू इरादों की रोने को है! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय »

मुक्तक

कभी न कभी हमको हमारा मिल ही जाता है! कभी न कभी हमको सहारा मिल ही जाता है! जब भी चल पड़ते हैं कदम हिम्मत की राह पर, डूबती कश्ती को किनारा मिल ही जाता है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

आप जबसे जिन्दगी में मिल गये हैं! रास्ते मंजिल के फिर से खिल गये हैं! जागे हैं ख्वाबों के पल निगाहों में, जख्म भी जिगर के जैसे सिल गये हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

क्यों तुम भटक गये हो वस्ल की राहों में? क्यों तुम बिखर गये हो दर्द की आहों में? ढूँढती हैं मंजिलें रफ्तार हिम्मत की, क्यों तुम नजरबंद हो खौफ की बाँहों में? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

जबसे तेरे दर्द का पैगाम आ गया है! तबसे मेरी जिन्दगी में जाम आ गया है! मैं क्या करूँ नुमाइश अपनी तमन्नाओं की? जब तेरा बेवफाओं में नाम आ गया है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

तुम मेरी जिन्दगी में खास बन गये हो! तुम मेरी मंजिलों की प्यास बन गये हो! हर वक्त तड़पाते हो आकर यादों में, तुम मेरे दर्द का एहसास बन गये हो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय (23) »

मुक्तक

तेरा ख्याल मुझको तड़पाकर चला गया! अश्कों को निगाहों में लाकर चला गया! नींद भी आती नहीं है तेरी याद में, करवटों में दर्द को जगाकर चला गया! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय »

मुक्तक

दर्द तन्हा रातों की कहानी होते हैं! तड़पाते हालात की रवानी होते हैं! कभी होते नहीं जुदा यादों के सिलसिले, दौरे-आजमाइश की निशानी होते हैं! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय »

मुक्तक

कोई रोके लाख मगर सवेरा नहीं रुकता! सामने उजालों के अंधेरा नहीं रुकता! हम रोक लेंगे हिम्मत से तूफाने-सितम को, जुल्मों के खौफ से कभी बसेरा नहीं रुकता! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

तेरी याद कभी-कभी मुस्कान देती है! तेरी याद कभी-कभी तूफान देती है! टूटी हुई चाहत भी जुड़ जाती है कभी, कभी-कभी हर आलम सूनसान देती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

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