MaN(मन), Author at Saavan's Posts

अफ़सोस

इस बात का गम नहीँ की तु मुझे मिल ना पाया। अफ़सोस है की जिसे तुमने चाहा उसके जैसा बन ना पाया। ●Follow Me At Instagram @Officialman4u ●Send Fb Request At Fb.Com/Manmohansingh.shekhawat »

तस्वीरों में।

सब कुछ मिलकर लगे जैसे कुछ ना मिला हो कैसी कमी नज़र आती है हाथों की लकीरों में जिनसे मिलते थे हम अक्सर सब-ओ-रोज़ आज सिर्फ यादें ही मिला करती है तस्वीरों में »

तो यह है मामला

क्या हुस्न अदा,कैसा शिक़वा गिला किस्मत में ना था प्यार इसलिए ही ना मिला खुदा जानता है मेरा दिल झरने के पानी की तरह साफ़ है पर यह भी सच है की कमल कभी भी साफ़ पानी में ना खिला »

अंदर से ज़िंदा।

ना नजरों में नज़ाकत रहती है ना दिल में कोई आहट रहती है हाँ पहले था ‘मन’ अंदर से ज़िंदा अब तो उसकी दिखावट रहती है »

यह सच है।

कोई और बात ना करे चलता है पर तू ना करे तो दिल जलता है तू ही तो है मेरे हर नगमे मेरी नज़्म तुझसे दिन शुरू तुझी से ढलता है »

गुमान

गुमान ही नहीं होता ऐसे महसूस इश्क़ जो हमें कभी मिला नहीं है मैंने तो दिया था उधार में दिल खुद का समझ वापस दिया नहीं है »

कभी ख़ुशी कभी गम

ज़िंदगी में खुशियाँ मिली तो गम भी मिला मिली चोटें अक़्सर फिर मरहम भी मिला इसका अफ़शोस नहीं ‘मन’रोया हर राह पर अफ़शोस के जो चाहा हमेशा कम मिला »

खामोश ज़ुबां की बेताबी

Kavi “MaN” खामोश जुबां की बेताबी सुनो कभी तुम ज़रा सी बाहर सिर्फ़ जूठी हंसी है अंदर भरी है उदासी दिल की दस्तक तो तुम सुनो आँखों की नमी जरुरी देखा है कभी तुमने चाँद को, छीन जाये जब इसकी चाँदनी कुछ ऐसा महसूस मुझको होता है तेरे बगैर ज़िन्दगी की ये बेबसी खामोश जुबां की बेताबी सुनो कभी तुम ज़रा सी बाहर सिर्फ़ जूठी हंसी है अंदर भरी है उदासी »

kya bataye…

kya bataye kese din maan chalte h mere.. bahut hi kharab haalat par har pal machalte h mere. mein jhuti hasi hasu toh bhi mera hi kasoor… ke dusman to dusman dost bhi jalte h mere…. pahle jin aankhon me sapne the aaj wo banjar h. sapne dekhne ke liye bhi sapne taraste h mere.. sochta hu pyar chahiye to kisi ko dil dedu. par hoshle fir vahi galti karne se darte h mere.. bachpan me bahay... »