MaN(मन), Author at Saavan's Posts

ख्वाहिशें

कुछ ख्वाहिशें दिल में रहती है और कुछ दिल से निकल जाती है तेरी हर एक तस्वीर नयी याद बनाये और पुरानी यादें बदल जाती है थक गया हूँ मैं यह कह- कह कर आने दे मुझे तेरी पनाहों में मेरी गुज़ारिशो से सुबह शुरू तेरी ‘ना’ पर शाम ढल जाती है तकलीफ़ों से निजात दिला दे तू बेवहज ख्वाबों में मत सताया कर दिल-ओ-दिमाग को ठंडक मिले नज़रों में जो तेरी शक्ल जाती है ना सुनी पायी तू मेरा ये अनकहा और ना अब सुनना च... »

ख़याल

एक ख़याल में दुबे रहे और, बचीखुची मेरी सांसे चली गयी हम करते रहे तेरा इंतज़ार और ये दुनिया आगे चली गयी अब कोई आता है सामने, तो याद ही नही रहता कौन था? ध्यान दिया तो महसूस हुआ आखिर कहाँ ये निगाहें चली गयी मैं ना कहता था साथ रहना तू, मेरा भी वक़्त आएगा एक दिन गाडी,बंगला ,धन दौलत और सब कुछ हासिल होगा एक दिन पर तू गयी मुझे मेरे साथ अकेला करके पता नहीं कहाँ तेरी पनाहें चली गयी एक ख़याल में दुबे रहे और, बची... »

कुछ

रातों को जब तारे टूटते है,ना मांगता मैं कुछ तुम जब से आये हो,हासिल तो है सबकुछ अपनी हँसी से तुम दिल गिरफ्तार करती हो ये दोस्ती है सिर्फ या उसके ऊपर भी है कुछ ये बातें मुझे कहने की जरुरत नही होती मगर तुम्हारी मेरे लिए फ़िक्र ही मेरे लिए है सबकुछ आखिर तुमसे दूर रह पाना क्यों है मुश्किल तुम ज़िंदगी या इससे भी बढ़कर ही हो कुछ तुम्हारी प्यारी बातों से बड़ा आराम मिलता है कुछ दिल की तसली और कुछ ऐसे ही कुछ तु... »

अफ़सोस

इस बात का गम नहीँ की तु मुझे मिल ना पाया। अफ़सोस है की जिसे तुमने चाहा उसके जैसा बन ना पाया। ●Follow Me At Instagram @Officialman4u ●Send Fb Request At Fb.Com/Manmohansingh.shekhawat »

तस्वीरों में।

सब कुछ मिलकर लगे जैसे कुछ ना मिला हो कैसी कमी नज़र आती है हाथों की लकीरों में जिनसे मिलते थे हम अक्सर सब-ओ-रोज़ आज सिर्फ यादें ही मिला करती है तस्वीरों में »

तो यह है मामला

क्या हुस्न अदा,कैसा शिक़वा गिला किस्मत में ना था प्यार इसलिए ही ना मिला खुदा जानता है मेरा दिल झरने के पानी की तरह साफ़ है पर यह भी सच है की कमल कभी भी साफ़ पानी में ना खिला »

अंदर से ज़िंदा।

ना नजरों में नज़ाकत रहती है ना दिल में कोई आहट रहती है हाँ पहले था ‘मन’ अंदर से ज़िंदा अब तो उसकी दिखावट रहती है »

यह सच है।

कोई और बात ना करे चलता है पर तू ना करे तो दिल जलता है तू ही तो है मेरे हर नगमे मेरी नज़्म तुझसे दिन शुरू तुझी से ढलता है »

गुमान

गुमान ही नहीं होता ऐसे महसूस इश्क़ जो हमें कभी मिला नहीं है मैंने तो दिया था उधार में दिल खुद का समझ वापस दिया नहीं है »

कभी ख़ुशी कभी गम

ज़िंदगी में खुशियाँ मिली तो गम भी मिला मिली चोटें अक़्सर फिर मरहम भी मिला इसका अफ़शोस नहीं ‘मन’रोया हर राह पर अफ़शोस के जो चाहा हमेशा कम मिला »

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