Lucky, Author at Saavan's Posts

नाराज़गी

नाराज़गी

मेरी ग़ज़ल सग्रंह की बुक “नाराज़गी” बहुत जल्द आपके सामने होगी ।ये सब आपकी दुआओं का असर है । बेहद शुक्रिया । आपका लकी निमेष »

Ghazal

उत्कर्ष मेल में पहली बार मेरी ग़ज़ल बहुत बहुत शुक्रिया संपादक महोदय जी का । आपका सहयोग यूँ ही बना रहे । »

Dard Purana

लिकं पर मेरी ग़ज़ल सुने डॉ सुजीत जी की आवाज़ में और चैनल सब्सक्राइब जरूर करे । दोस्तो में लिकं शेयर करना ना भूले । आपका लकी निमेष   »

Tuje Dil se bhulana chahata hu

Tuje Dil se bhulana chahata hu

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कच्ची मिट्टी के जैसी मै धीरे धीरे धँसती हूँ

कच्ची मिट्टी के जैसी मै धीरे धीरे धँसती हूँ मै लडकी हूँ इस आँगन की तब ही इतनी सस्ती हूँ   लोग लगाएगें बोली मेरी बडे सलीके  से लोग तमाशा देखेगें कि मै कितने में बिकती हूँ   मेरी मर्जी का मोल नही है मेरे ख्वाब की क्या कीमत कोई नही पूछेँगा मुझसे मै क्या हसरत रखती हूँ   मेरा कद बढता है तो फिर बाप के काधेँ झुकते है मै गीली लकडी चूल्हे की धीरे धीरे जलती हूँ   मुझको क्या उम्मीद ‘... »

नया साल

ये नये साल का मौसम भी खुशगवार नही ऐसा लगता है मुझे अब किसी से प्यार नही कई सालो से मुझे ग़म बहुत सताते है कई सालो से मेरे साथ में ग़मख्वार नही जान दे दूँ उसे तोहफे में नये साल को मै उससे मिलने के मगर कोई भी आसार नही बदलते साल से तो ज़ख्म नही भरते है और फिर मै भी पिघल जाऊं वो लाचार नही बहुत जल्दी से गुजरता है यहाँ हर साल और कदमों में मिरे पहली सी रफ्तार नही खरीद लूँ मै ‘लकी’ इक खुशी तेर... »

दीवाली

इस दीपक में एक कमी है,,,, हर सैनिक की याद जली है ।।।।।।। जिसने दी आज़ादी हमको,,,,,,,,, उनकी बेहद कमी खली है ।।।।। दुश्मन को मारा सरहद पे,,,,,,,,,, तो दीवाली आज मनी है ।।।।।।। देखो इनको भूल न जाना,,,,,,,,,,, जो अब तेरे बीच नही है ।।।।।।। जिसने खोया अपना बेटा,,,,,,,,,, उन माँओं की आह सुनी है ।।।।। देके खुशियाँ हम लोगो को,,,,,,, गोली खुद के लिये चुनी है ।।।।। अपने भाई के आने की,,,,,,,, बहना को इक आस ... »

जंग

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ज़िन्दगी

इस तरह उलझी रही है जिन्दगी,,,,,, कोन कहता है सही है जिन्दगी।।।।। उलझनो का हाल मै किससे कहु,,, आँख के रस्ते बही है जिन्दगी।।।। अब नही पढना नशीब में इसे,,, गर्द सी मुझपे जमी है जिन्दगी।।। ना सुकूँ है दिल बडा बेचैन है,,, आग के जैसे जली है जिन्दगी।।।। उलझनो में ही सदा उलझा रहा,,,, मकङियो के जाल सी है जिन्दगी।।। ख्वाब है ना आखँ में नींदे कहीं,,,,, खार सी चुभने लगी है जिन्दगी।।। फुरसतो के पल नही मिलते म... »

साजन

तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत कैसे करती है दुनिया,,,,,,, हद से ज्यादा तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।। इस दिन को तू मेरे सजना इतना तो ह़क दे देना,,,,,,,,,,,, छलनी में से तुझको देखू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।। आज मुबारक वो दिन आया सामने मेरा साजन है,,,,,,,,,, तेरे ग़म के आँसू पी लू इतना तो ... »

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