ज्योति कुमार, Author at Saavan - Page 3 of 16's Posts

दर-दर ,

जे पी सिह »

दिल मे तुझे,,

दिल मे तुझे बैठा रखा था, ख्वाबो मे तुझे सजा कर बैठा था,, दिन मे भी चाँद तारे चमकेगें इसी तरह गलत-फहमी मे तुमसे प्यार कर बैठा था।। जे पी सिह »

हाथ जोड़कर,

हाथ जोड़कर जब मैने सारी गलती माँग ली जमाने के समाने, फिर क्यो जलिल करते हो सारे के सामने,, हाथ जोड़कर सारी सारी गलती माँग ली मैने »

हाथ जोड़कर,

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हाथ जोड़कर,

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हाथ जोड़कर,

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हाथ जोड़कर,

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इस तरह,,

इस तरह का दिम्मक पाल रखा था,, मेरे दिल ने,! खोखला कर डाला पर दवा डाल नही पाया मेरे दिल ने। इस तरह का दिम्मक पाल रखा मेरे दिल ने।। »

सारे कायनात,

दिल टुटने के बाद ;;चैन भी रूठ गयी, रात भर करवट बदला-बदला पुरे शरीर मे दर्द -गर्ग कर गयी , चैन रूठी गयी जब दिल टुट गयी।। JP Singh »

सारे कायनात,

,—सारे की इशारे को भुल गये, लेकिन तेरी नशीली आँखो को देखकर झुम गये! JP Singh »

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