ज्योति कुमार, Author at Saavan's Posts

झुठा बादा।।

मेरे होकर भी मेरे खिलाफ चलते है, मेरे फैसले देख तब पर भी साथ चलते है।। ज्योति »

झुठा बादा।।

मेरे होकर भी मेरे खिलाफ चलते है, मेरे फैसले देख तब पर भी साथ चलते है।। ज्योति »

खिलाफ

मेरे होकर भी मेरे खिलाफ चलते है, मेरे फैसले देख तब पर भी साथ चलते है।। ज्योति »

ना कहकशो का दौर है।

ना कहकशो का दौर है,ना वो हमसे गुप्तगुह करते है, संगदिल उस सनम से हम बेपनाह महोब्बत करते है। ज्योति »

तमाम दर्द मिट गये।

मेरे आँखो मे गुमाण उनका था , वसा ना पाया मेरे आँखो ने किसी दुसरे को दिल मे क्योकि मकान उनका था ! तमाम दर्द -जख्म मिट गये मेरे लेकिन जो ना मिट पाये उसमे नाम उनका था।। जेपी सिह »

Life is not bona fide.

Life is not bona fide. It is house of rent as if it is mine or elase it is the wroth. The price of mud, Breaking the world in the world So the Person is running away . Also earns money Jyoti Mob 9123155481 »

पैसे की चाहत,

पैसे की चाहत ने अपनो से दुर किया, माँ ,पिता, दोस्त ,भाई जैसे पवित्र रिस्ते को छोड़ दिया , पैसे की चाहत ने अपनो से दुर किया , जेपी सिह »

तुमसे मिलने की तमन्ना।

तुमसे मिलने की तमन्ना अब भी लगा बैठा हूँ,, सुबह से शाम तुम्हारी गलीयो मे चक्कर लगा –लगा कर दिल को समझा रहा हूँ, तुमसे मिलने की तमन्ना अब भी लगा बैठा हूँ, बीत गई वो दिन- बीत गई बात लेकिन क्या कहूँ हाथ मे सिन्दुर लिये बैठा हूँ, तुमसे मिलने की तमन्ना—– रात को जब तन्नहाई होती है करवट बदल सिसक-सिसक कर सुबह हो जाती , क्या कहूँ मिलने की तमन्ना अब लगा बैठा हूँ । – जेपी सिह »

काश

काश मेरी जिन्दगी मे तु होती ना सुबह का इंतजार करती ना शाम का शिर्फ तेरे नीले आँख ो का इंतजार करती। जेपी »

जहजे दिल।

जहजे दिल को सभाँरने का काम कर रहा, जेपी अपनो का कीमत अपनो से दे रहा। जेपी सिह »

Page 1 of 15123»