ज्योति कुमार, Author at Saavan's Posts

अरे, ओ जिन्दगी से निऱाश आदमी सुनो।

अरे ,ओ जिन्दगी से निऱाश आदमी सुनो— सड़क पर भटकते हो क़्यो सुनो। कुछ तो कर्म करो—– अपने स्थिति को देखो कुछ तो शर्म करो।। कब –तक कोसते रहोगे,अपने भाग्य को, अंधकार से निकलने का कुछ तो कर्म को करो । अपने आप को समझों कुछ तो प्रयत्न करो, अपने आप को समझो,उठाओ कदम मत रूकना जब तक ना मिले सफलता। देखना मिट्टी भी हो जाएगी सोना !!! »

मेरा इस दुनिया मे कोई ना रहा !

मेरा इस दुनिया मे कोई ना रहा , मै बेसहारा हो गया। जो मुझे रास्ते दिखा रहे थे , वही पराया हो गया।। कैसे चलुँ,—–कैसे चलूँ मै तो बेसहारा हो गया, ऐ जमाने ना हँसों मेरी गरीबी की रूख से तुझे ही तो चाहा तु ही पराया हो गया।। ज़्योति मो न० 9123155481 , »

दर–दर ठोकर खाया हूँ।

दर–दर ठोकर खाया हूँ, जीवन से भी मै हारा हूँ। दे–दे सहारा —- तेरे पास मै आया हूँ।। नही मंजिल मिली नही किनारा,मुझे दे–दे सहारा, मेरा कोई नही ठिकाना है! मै हूँ बेसहारा– मुझे दे– दे सहारा कुछ भी इंसान हूँ, दुनिया ने शिर्फ दी रूसवाई है, तेरे दर पर सुना होती सुनवाई है। एहसान करो मुझ पर मै दर दर ठोकर खा़या हूँ, तेरी ये मतलबी दुनिया मुझे हराया है, दर–दर ठोकर दिलवा... »

दर–दर ठोकर खाया हूँ।

दर–दर ठोकर खाया हूँ, जीवन से भी मै हारा हूँ। दे–दे सहारा —- तेरे पास मै आया हूँ।। नही मंजिल मिली नही किनारा,मुझे दे–दे सहारा, मेरा कोई नही ठिकाना है! मै हूँ बेसहारा– मुझे दे– दे सहारा कुछ भी इंसान हूँ, दुनिया ने शिर्फ दी रूसवाई है, तेरे दर पर सुना होती सुनवाई है। एहसान करो मुझ पर मै दर दर ठोकर खा़या हूँ, तेरी ये मतलबी दुनिया मुझे हराया है, दर–दर ठोकर दिलवा... »

जबसे दारू बंद भेलैय विहार मे।

पटना, छपरा दरभंगा तक सुख गया दाऱू का प्याला, हाजीपुर के पुल पर केले अब बेच रही मधुशाला। महफिल भी रूठ ग़यी , और नाच खत्म नागिन वाला। शांत– शांत अब लगे बराती—– जैसे लग रहा मर गया पड़ोसी वाली।। कैसे पिये दौ सौ का पव्वा मिलता चालीस वाला, बेगुसराय मे बस पकड़ कर बाहर को जाता पीने वाला। अब झारखंड ,युपी मे बुझती दिल की ज्वाला। ज्योति मो न० 9123155481 »

सुन ले पाकिस्तान।।

सुन ले पाकिस्तान, कश्मीर का ख्याल भी दिल मे मत लना। वरना जो भी दिये है,वो भी छीन लेगे पाकिस्तान।। अबकी बार कोई गलती मत करना कश्मीर पर वरना छीन लेगे—— १ अलतीत फोर्ट २ सादिक गढ़ पैलेस ३ रोहतास फोर्टे ४ नुर महल ५ राँयल फोर्ट ६ मुजफराबाद फोर्ट ७ रानी कोर्ट किला ८ वाला हिंसार फोर्ट ठान लिया है,हम सब हिन्दुस्तानी अब मिटा देगे तेरी पहचान। सुन ले बेटा पाकिस्तान।। तुम एक बार भी मेरे काश्मीर (जन... »

कैद

परिन्दे कैद से छुटा नही, दुश्मन जाल विछाना शुरू किया। ज्योति »

कैद

परिन्दे कैद से छुटा नही, दुश्मन जाल विछाना शुरू किया। ज्योति »

बदनाम हो गये शिर्फ ।

बदनाम हो गये शिर्फ!! »

आज की नारी पड़ गयी भारी।

आज की नारी पड़ गयी भारी, कोई ना पार पाए ऐसी करती होशियारी। जीवन इसका WhatsApp पर व्यस्त रहता , चल जाए भाड़ मे दुनिया सारी। आज की नारी– फैशन की बात इससे ना पुछो वरना दिख वा देगी दुनिया सारी– और बेचवा देगी जमीन सारी आज की नारी। साँस — ससुर की सेवा की ना छेड़ो वरना किचन मे टुट जाएगी बर्तन सारी। भुल कर भी इसके मायके वाले के कुछ ना कहना वरना घर मे हो जाएगी महाभारत भाड़ी। आज की नारी पड... »

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