Janki Prasad (Vivash), Author at Saavan's Posts

मत करो देर

**मत करो देर”** मत करो देर , झटपट पाट दो , दिल की दरारों को । जमाना क्या कहेगा ,समझ़ो, जमाने के इशारों को । जिदों का यह अड़ियली रुख ,बहुत ज्यादा, नहीं अच्छा , छोड़कर जिद निभाओ , प्यार के अलिखित करारों क़ो । बात बचपन की जो होती , जो समझाते,समझ जाते , जवानी का है अब आलम , ना लौटाओ, बहारो को । अगर जो बात बन जाए ,हो जन्नत जैसी जिंदगानी , सजाने जिंदगी अब बुला ल़ो झट चाँद तारों को । जानकी प्रसाद विवश »

प्यास अधूरी

सारा का सारा सागर हो , फिर भी , प्यास अधूरी । अगर भाग्य में प्यास लिखी , यह.किस्मत की मजबूरी। जानकी प्रसाद विवश »

जगत् का कल्याण हो

“”***जगत् का कल्याण हो “** *************** हे मात भवानी ,जग कल्याणी, भव का रूप सँवारो । भक्त जनों को, दैहिक दैविक, भौतिक तापों से उद्धारो। जब कृपा सभी पर बरसाती, सारे संकट मिट जाते । हम सब संतान तुम्हारी ही , हौसले सभी हर्षाते। विनती इतनी हम सब.भक्तों की, भव का रूप निखारो। भक्तिमय दिवस मातरानी चंद्रघण्टा को नमन के साथ सपरिवारसहर्ष शुभकामनाएँ स्वीकार करें। सविनय, आपका अपना मित्र ज... »

प्यार की कैद

प्यार की कैद से रिहाई रव करे न कभी । इश्क की रिहाई से ,मौत भली होती है । – जानकी प्रसाद ‘विवश’ »

दरारें दिल की

“दरारें दिल की” ******** दरारें दो दिलोंकी दिख न जायें, दुनिया वालों को। प्यार से पाट लो, कहीं प्यार न बदनाम हो जाए । »

जीने का बहाना

आप जैसे, प्यारे मित्रों से जीवन सुहाना होता है। न चाह कर भी, जीवन जीने का बहाना होता है। जानकी प्रसाद विवश »

विराट गीतकार सम्मेलन

विराट गीतकार सम्मेलन

‘गीत विधा ‘के लिए समर्पित मध्यप्रदेश की साहित्यिक, साँस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था “सृजक संसद ” के तत्वावधान में ,आयोजित काव्योत्सव में सुप्रतिष्ठित गीतकार जानकी प्रसाद विवश का हिंदी साहित्य में गीत विधा मे विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया ।ं   »

भेद खोल दिया

“**भेद खोल दिया”** ^^^^^^^^^^^^^ भेद पायल ने दिल का खोल दिया , घुघरुओं ने भी क्या क्या बोल .दिया । बेखुदी बेसुधी तन मन की, सारी लाँघ गई , प्यार ने जिंदगी को , प्यारा सा , माहौल दिया । जानकी प्रसाद विवश »

गुणों की महक

प्रातः अभिवादन “**गुणों की महक”** ***?**?**?? गुणों के गुलों की महक गुदगुदाए , गुणों की महक ,जिंदगी महक जाए। लगाएँ नयी पौध नित , सदगुणों की , वसंत आए ,आकर कभी भी न जाए। ******जानकी प्रसाद विवश ****** सभी प्यारे मित्रों को , गुणी सवेरे की , प्यार भरी शुभकामनाएँ…। सपरिवारसहर्ष स्वीकार कर अनुगृहीत करें । आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश »

जिंदगी

“”**जिंदगी”** ***** खुश रहकर गुजारो, तो मस्त है जिदंगी, दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ ये जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ ये जिंदगी!! आपकी जिंदगी खुशियों भरी हो मधुर सवेरे की मंग... »

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