Janki Prasad (Vivash), Author at Saavan's Posts

प्यार की निशानी

*“प्यार की निशानी “* ^^^^^^^^^^^^–^ गीतकार जानकीप्रसाद विवश मेरा हर शेर , तेरे प्यार की निशानी है। प्यार तेरा , मेरे जीवन की अमर कहानी है । मत समझ सिर्फ हँसी जिस्म से है प्यार मुझे , जिस्म के साथ मेरा प्यार भी रुहानी है । »

*दर्द से नाता*

*दर्द से नाता* ******** गीतकार- जानकीप्रसाद विवश दर्द का जिंदगी से नाता है , बेहिसाबी से दर्द भी इसे निभाता है। न किसी को है , किसी की कभी कोई चिंता , दर्द की जिंदगी , कैसे कोई बिताता है। जानकीप्रसाद विवश »

मधुर जिंदगी

सभी मित्रों का आत्माभिवादन मीठे स्वरों में , मधुर जिंदगी मिल जाती है। स्वरों की वसंती बहार में , जिंदगी खिल जाती है।। दुख- दर्दों की लू -लपटों में जो झुलस जाएँ, स्वरों की चिकित्सा उन सभी पर , ठंडक का लेप लगाती है। प्यारे मित्रो , सपरिवार सहर्ष स्वरमयी सवेरे की गुनगनाती मंगलकामनाएं स्वीकार करें। आपका हर पल मंगलमय हो। आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश »

मत करो देर

**मत करो देर”** मत करो देर , झटपट पाट दो , दिल की दरारों को । जमाना क्या कहेगा ,समझ़ो, जमाने के इशारों को । जिदों का यह अड़ियली रुख ,बहुत ज्यादा, नहीं अच्छा , छोड़कर जिद निभाओ , प्यार के अलिखित करारों क़ो । बात बचपन की जो होती , जो समझाते,समझ जाते , जवानी का है अब आलम , ना लौटाओ, बहारो को । अगर जो बात बन जाए ,हो जन्नत जैसी जिंदगानी , सजाने जिंदगी अब बुला ल़ो झट चाँद तारों को । जानकी प्रसाद विवश »

प्यास अधूरी

सारा का सारा सागर हो , फिर भी , प्यास अधूरी । अगर भाग्य में प्यास लिखी , यह.किस्मत की मजबूरी। जानकी प्रसाद विवश »

जगत् का कल्याण हो

“”***जगत् का कल्याण हो “** *************** हे मात भवानी ,जग कल्याणी, भव का रूप सँवारो । भक्त जनों को, दैहिक दैविक, भौतिक तापों से उद्धारो। जब कृपा सभी पर बरसाती, सारे संकट मिट जाते । हम सब संतान तुम्हारी ही , हौसले सभी हर्षाते। विनती इतनी हम सब.भक्तों की, भव का रूप निखारो। भक्तिमय दिवस मातरानी चंद्रघण्टा को नमन के साथ सपरिवारसहर्ष शुभकामनाएँ स्वीकार करें। सविनय, आपका अपना मित्र ज... »

प्यार की कैद

प्यार की कैद से रिहाई रव करे न कभी । इश्क की रिहाई से ,मौत भली होती है । – जानकी प्रसाद ‘विवश’ »

दरारें दिल की

“दरारें दिल की” ******** दरारें दो दिलोंकी दिख न जायें, दुनिया वालों को। प्यार से पाट लो, कहीं प्यार न बदनाम हो जाए । »

जीने का बहाना

आप जैसे, प्यारे मित्रों से जीवन सुहाना होता है। न चाह कर भी, जीवन जीने का बहाना होता है। जानकी प्रसाद विवश »

विराट गीतकार सम्मेलन

विराट गीतकार सम्मेलन

‘गीत विधा ‘के लिए समर्पित मध्यप्रदेश की साहित्यिक, साँस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था “सृजक संसद ” के तत्वावधान में ,आयोजित काव्योत्सव में सुप्रतिष्ठित गीतकार जानकी प्रसाद विवश का हिंदी साहित्य में गीत विधा मे विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया ।ं   »

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