Dev Kumar, Author at Saavan's Posts

ग़ज़ल-ऐ-शराब……

एक शराब की कहानी है ये एक शराबी की जुबानी है ये पीता है वो सुबह-शाम जी भर के एक शराबी की ईमानदारी है ये सुकून देती है ये बहुत दिल में जाने के बाद एक शराबी की मन की मानी है ये क्यों कोसते है अक्सर सभी इसको दुनिया में एक शराबी की दिलबर जानी है ये बहुत हँसीन पल हो जाते है इसको पीने के बाद एक शराबी ने खुले-आम बात मानी है ये Dev Kumar »

अपनी मोहोब्बत की चर्चा…….

अपनी मोहोब्बत की चर्चा मैँ आम न कर दू कही उस बेवफा को मैँ बदनाम न कर दू डरता हू मैँ बस इस मोहोब्बत की रुसवाई से कही मैँ उस बेवफा को सरे आम न कर दू Dev Kumar »

हमारे चेहरे की सजावट पर…..

हमारे चेहरे की सजावट पर न जाओ दोस्त, हमने छुपा रखे है बहुत गम इस में यूँ ही मुस्कुरा के। Dev Kumar »

तेरे वादों के बारे में तू ही जाने…..

तेरे वादों के बारे में तू ही जाने मैँ तो बस अपनी वफ़ा को जानता हूँ जिस दिन ये धड़कन दिल की रूठेगी उस दिन ही मेरी वफ़ा टूटेगी। Dev Kumar »

“तोड़ कर दिल मेरा”

तोड़ कर दिल मेरा उन्होंने अपना आशियाना बसा लिया हमने भी सौदा कर लिया तन्हाई से और ग़म से अपनी ज़िन्दगी को सजा लिया देव कुमार »

“चलो एक बार ही कह दो”

चलो एक बार ही कह दो की आपको हमसे मोहब्बत है कसम खुदा की कभी ये नहीं कह सकोगे हम से की आपको हमसे कोई शिकायत है देव कुमार »

“ज़िन्दगी का तुम”

ज़िन्दगी का तुम भी एक उसूल बना लेना मोहब्बत ना करना, उसको फ़िज़ूल बना लेना देव कुमार »

“ये मोहब्बत भी”

ये मोहब्बत भी कितनी अजीब है साहेब आज़माती है उसी को, जो इसको बेइन्तिहा चाहता है देव कुमार »

“चलो तुम से”

चलो तुम से ये भी वादा रहा की तुम्हें हम कभी न सताएंगे, आप भी हमारे ख़्वाबों में मत आना और हम भी आपके ख़्वाबों में न आएँगे देव कुमार »

“ज़माने के पास”

ज़माने के पास खुशियों का सागर होगा मगर हम तो इसकी एक बूँद को भी तरसे है निकले है हर उस वक़्त हमारे आँखों से आंसू साहिब जब भी ये बादल झूम-झूम कर बरसे है। देव कुमार »

Page 1 of 29123»