Bhanu Raj, Author at Saavan's Posts

हमर जिनगी ल बनाये खातिर

हमर जिनगी ल बनाये खातिर

Cमोर महतारी अऊ मोर ददा कईसन मेहनत करत हे हमर जिनगी ल बनाये खातिर अपन सरीर ल भजथे भिनसहरे ले उठ के दुनो पानी कांजी भरत हे आट परसार अऊ खोर दुवार महतारी सब ल लिपत हे गरुआ भैंइसा के चारा दाना ददा के भरोसे हे गोरस दुह के वो बिचारा दू पइसा म बेचत हे अपन शउख के बलि देके हमर बर पइसा जोरत हे हम पढ़ लिख जाबो कुछ बन जाबो इहि सोच के मरत हे बासी पसिया खा के ददा खार म जांगर पेरत हे घाम छाह अऊ बादर पानी सबो म नां... »