ashmita, Author at Saavan's Posts

बारिश

ये बारिश ये हसीन मौसम और ये हवाये लगता है आज मोहब्बत ने किसी का साथ दिया है. »

माथे की लकीरें

माथे की लकीरें

माथे की लकीरें हर दिन बढ़ती जाती है भविष्य की चिंता रोज उभरती जाती है »

ख्वाहिश

तेरे कलाम में हर पहर पढ़ती रहती हूं तेरी हर नज्म में खुद को ढ़ूढती रहती हूं इक चाहत थी कि तुझसे किसी दिन मिलूं इसी ख्वाहिश में हर लम्हा गुजरती रहती हूं| »

इक फरियाद

इक फरियाद थी मेरे दिल की आरजू थी इक दबी दबी सी सब अधूरी ही रह जायेंगी कह कर गया था वो अभी »

लफ़्ज

लफ़्ज हो गये है खत्म दास्ता बयां करते करते कुछ कहते हम अक्सर थम जाते है »

याद

कोई बात है उनमें शायद जो याद आते है या फिर हमें बस याद करने की आदत हो गयी है »

तेरी ख्वाहिश

तेरी ख्वाहिश में हम क्या से क्या हो गये कभी अपने थे हम, अब बैगाने हो गये »

खुशबू

कभी लफ़्जों में ढल जाती हूं कभी आखों में पिघल जाती हूं मैं तो तेरी खुशबू हूं हर तरफ़ बिखर जाती हूं »

जल उठे थे बुझ के हम

जल उठे थे बुझ के हम, शमा – ए – लौ से प्यार की; फिर तेरी हर एक झलक, पे नज़रों को झुका जाना; गर कही जो चल पड़े, तेरे बुलाने पे सनम; वो तेरा मंजिल – ए – इश्क, से वापस को बुला जाना; कई असर चलती रही, कूचा – ए – गुल में यार की; वो तेरा मुझको दीदार – ए – तर को तरसा जाना; गर कहीं तुम मिल गए किस्मत सराहेंगे कसम; वो तेरा खा कर कसम, हर कसम को झुठला जाना; रात की खामोशियाँ, हमको सताती है “महक”; तेरी याद से रोज... »