ashmita, Author at Saavan's Posts

वोट डालने चलो सखी री

वोट डालने चलो सखी री

वोट डालने चलो सखी री लोकतंत्र के अब आयी बारी एक वोट से करते हैं बदलाव नेताजी के बदले हम हाव-भाव ! सही उम्मीदवार का करते है हम चुनाव, बेईमानों को नहीं देंगे अब भाव ! आपका वोट है आपकी ताकत लोकतंत्र की है ये लागत सुबह सवेरे वोट दे आओ वोटर ID संग ले जाओ ! »

डर

ख्याल आते तो है मगर दब जाते है कहीं दिल में अक्सर डर जाते है जमाने के कहर से »

हौसलों की उड़ान

सुरज की स्वर्णिम किरणें जब पड़ती धरा पर, चहचहाते पक्षी मचाते कलरव, हौसलों की भरते वो उड़ान है, देखो जज़्बा उन पंछियों का, छू लेते वो आसमान है। देखकर पंछियों को लगता मेरे मन को, काश कि मै भी उड़ सकता, पंख फैलाकर नील गगन को मै भी छू सकता। बस सोच ही रहा था बैठे-बैठे, कि मेरे मन में ये ख्याल आया.. है पंछियों के जैसे मेरे पंख नहीं तो क्या, है बुलंद इरादा मेरे भीतर जो छिपा बैठा, है मुझमे हिम्मत, है हौसल... »

ख़रीददार

किसी कीं ख़ातिर दिल में मोहब्बत लेकर भटक रहे हैं सब ख़रीददार मिलते हैं, बिकनेवाले नहीं मिलते | »

बारिश

ये बारिश ये हसीन मौसम और ये हवाये लगता है आज मोहब्बत ने किसी का साथ दिया है. »

माथे की लकीरें

माथे की लकीरें

माथे की लकीरें हर दिन बढ़ती जाती है भविष्य की चिंता रोज उभरती जाती है »

ख्वाहिश

तेरे कलाम में हर पहर पढ़ती रहती हूं तेरी हर नज्म में खुद को ढ़ूढती रहती हूं इक चाहत थी कि तुझसे किसी दिन मिलूं इसी ख्वाहिश में हर लम्हा गुजरती रहती हूं| »

इक फरियाद

इक फरियाद थी मेरे दिल की आरजू थी इक दबी दबी सी सब अधूरी ही रह जायेंगी कह कर गया था वो अभी »

लफ़्ज

लफ़्ज हो गये है खत्म दास्ता बयां करते करते कुछ कहते हम अक्सर थम जाते है »

याद

कोई बात है उनमें शायद जो याद आते है या फिर हमें बस याद करने की आदत हो गयी है »

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