Arun, Author at Saavan's Posts

MAAF KARNA ASIFA

सिर्फ एक तसवीर है , एक चेहरा है जानता नहीं हूँ कि कौन थी वो , पर आँखों में नूर देख यकीन से कहता हूँ कि जो भी थी , जैसी भी थी अच्छी थी वो , गैरों के हाथ पकड़ साथ चल पड़ी रूह से पाक दिल से सच्ची थी वो , इन्सानियत में छुपी हैवानियत देख न पायी हाँ अभी अकल से कच्ची थी वो , लेकिन तुम तो सियाने थे , पढ़े -लिखे थे , मासूमियत ही देख लेते शैतानो ! आठ साल की नन्ही बच्ची थी वो । लेकिन गलती उसी की थी ग़ैर -हिन्दू ... »

HASRAT

मत पूछो कि क्या हसरत है मेरी , हसरतें जताऊँ यह ना फ़ितरत है मेरी , जताने से मिल जाये मुझे चाहत जो मेरी , खुदी को जानता हूँ यह ना किस्मत है मेरी। मत पूछो कि क्या हसरत है मेरी … To read full poem kindly visit the following link… http://www.alfaz4life.com/2017/08/hasrat.html?m=1 »