Antariksha Saha, Author at Saavan's Posts

ज़िन्दगी

इतनी भी नाराज़गी ठीक नहीं की फासले उम्र भर का हो जाये पल भर का जीना है यारों बेगाने लोगों को छोड़ यहाँ अपनो से फुरसत नहीं। »

इंतज़ार

इन्तेक़ाम से इंतज़ार ही बेहतर हैं उम्मीद का दामन पकड़कर थोड़ा चैन से बैठो कभी ना कभी उसे तुम याद आओगे इस अहसास से ज़िन्दगी देखोगे तुम काट पाओगे इंतेज़ार की ताकत को नज़रअंदाज़ ना करो साहब तपन की आग में कोयले से भी हीरा बन जाता हैं »

मध्यम वर्ग का सपना

तिनको का घोसला था मेरा बरसात में डय गए सपनो के पर थे मेरे उड़ने से पहले बर्बाद हो गए माध्यम वर्ग का यही होता हैं सपनो को नतीजो से तोला जाता हैं सभी अवःल आने की होड़ में है पर अवःल तोह किसी एक ही का हैं यह भूल जाते हैं »

जज़बात

जज़बात आज फिर से उमरे है कलम आज फिर बरसे है फिर से इस नादान दिल को फिसलने का मौका मिला है फिर से आँखों में उसका नूर दिखने लगा है उम्मीद ना थी इस दिल को की तुम मिल जाओगी इस गहरी रात की यू खुशनुमा सुबह हो जाएगी »

प्यार का पहला पन्ना

तुझसे क्या नाता जुड़ा की हर सकस मैं तू नज़र आया इतनी भी ना पास आ तू की मेरे अकेलेपन को तेरी आदत पड़ जाए गम ए दिल को दर्द की तोह आदत है पर वहा ए मोहब्बत पहली बार है सजदा किसका करु पता नहीं तेरा या उस खुदा का जिसने तुझे बनाया »

अक़ीदत

तेरी अक़ीदत मेरी इबादत तेरी ज़ीनत(श्रृंगार) मेरी सलत (prayer) तुझसे मिलाने के लिए उस खुदा का शुकराना, तेरी चाहत में इस नाचीज़ का कबूल कर नज़राना ऐसा क्यों लगता हैं की ज़िन्दगी के कुछ पल नासार हैं तेरे साथ इस जनम का नहीं बाकी के सारे जन्मो का साथ हैं, तुझसे से बस एक ही दुआ हैं मेरी की मौत भी ना जुदा कर पाए ये साथ तेरी »

उंगली पकर कर

उंगली पकड़ कर थामा था जिसका हाथ पता नहीं क्यों वो छोर गया मेरा साथ मेरे अनकही बातों को समझने वाले जज़बात पता नही क्यों खुदा को नहीं आया रास मेरे सभी ख्वाइशों को सुनने वाले पूरे हो या ना हो पर भरसक कोशिश करने वाले पता नहीं क्यों आज भी गुज़ारिश करता हूँ थोड़ा ही सही दिल में आज भी उनके पूरे होने की ख्वाइस रखता हूँ »

Dard

दर्द तूफान में उजड़ने का नहीं दर्द अपनो का तूफान में मुझे देखकर किवाड़ बंद करने का है »

पहला प्यार

पहला प्यार जाम की तरह होती हैं जब भरी हो तोह उसका अहसास नहीं होता जब खाली हो तोह उसकी लत छूटती नहीं »

ज़मीर

यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती यार फूलों से सजाना नहीं कुछ तोह अपने पास रख देना कुचलने पढ़ अपने मरहम पढ़ ओढ़ लेना यार रोना नहीं मेरे मौत पढ़ खुश तोह अपने मौत पढ़ भी हुए थे सपनो के लिए खुद को कुचल के जिये थे आज सोचों तोह सपने सारे हासिल हो गए पढ़ खुशि कहीं बेसुध सी खड़ी हैं यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती »

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