Antariksha Saha, Author at Saavan's Posts

ज़मीर

यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती यार फूलों से सजाना नहीं कुछ तोह अपने पास रख देना कुचलने पढ़ अपने मरहम पढ़ ओढ़ लेना यार रोना नहीं मेरे मौत पढ़ खुश तोह अपने मौत पढ़ भी हुए थे सपनो के लिए खुद को कुचल के जिये थे आज सोचों तोह सपने सारे हासिल हो गए पढ़ खुशि कहीं बेसुध सी खड़ी हैं यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती »

बाबा की अलमारी

बाबा की आलमारी लगती थी मुझको पयारी आचारों और चॉकलेट की फुलकारी अनसोचे ख्वाबो का पिटारा कलम किसमिस खिलौनो का पिटारा बचपन के उन ख्वाबो का ही तोह है सहारा आज ना बाबा रहे ना उनकी अलमारी घोसला छोड़ कब के उड़ गए है सब अदाकारी घर तोह कब के बदल गए पड़ याद उन्ही के रह गए »

ज़िन्दगी

पहली बार जब रोया तोह भूख और प्यास थी दूसरी बार जब रोया स्कूल का पहला दिन था तिसरी बार जब रोया तब स्कूल का आखरी दिन था कॉलेज के दिन तोह रुलाने के थे दुसरो को छोड़ो ना उस बात को और मुझको लगता था सबसे ज्यादा गम तेरे छोड़ने का था पढ़ जब सोचने और लिखने बैठा तोह देखा यह एक मामूली घटना हैं जो तकरिबन सबके साथ हुआ हैं हम ज़िन्दगी में भूल जाते हैं की तवज्जो किस बात को देना है दोस्तों यह चंद लाइन बेहद निजी है पढ़... »

Looking back in times

Looking back in times, When you and me were lonely in the moonlight, Time has passed by, I wait for those times tonight Looking back in times When I was driving you town You flipped your hair and looked down I was just spellbound oh baby missing u tonight. Looking back in times, there were so many memories deep down my heart, Ohh baby missing u tonight. »

आंखे नम है

आज फिर तेरी आँखे नम है पता नहीं किस बात का तुझे गम हैं ज़िन्दगी के पल कुछ कम हैं नहीं तोह हाल ऐ दिल पगली हम भी पूछते ज्यादा ना सही थोड़ा ख्याल हम भी रखते »

ऐ खुदा

ऐ खुदा बोल तेरी रजा क्या हैं मेरे नादान दिल की सजा क्या है चले हैं सच की तलाश में तेरे ठोकरो का अंजाम क्या है अपना हम किसको कहे तेरे अपनो ने तोह रास्ता बदल लिया बेगाने इस दुनिया में बस तेरा ही एक सहारा है ऐ खुदा बोल तेरी रजा क्या हैं मेरे नादान दिल की सजा क्या है चले हैं सच की तलाश में तेरे ठोकरो का अंजाम क्या है »

chaley toh hum bhi the

chaley toh hum bhi the tera hath pakarkar bas zindagi ke bheed main tu agey bar gayi milna tha mujhse par tu kisi aur main bas gayi itefaqan thora dur hi tha main bulaya bhi bahut bar tera naam par waqt ke es khel main tu phasti chali gayi »

Azadi Mubarak ho

gam tere maut ka nahin par dosh tere dharm ka hain es baat ko bhulu kaise hosh mere sudh gaye toh kya par majra yeh purey hindustaan ka hain »

sawan

ab ke sawan bhege sab agan ak mera hi ghar sukha rah gaya nazar main tere sabhi aa gaye ak main hi bezud sa khada rah gaya –inspired not fully by me »

intezar

tera phone aya hi nahin mera intezar khatam hua hi nahin aj bhi jata hun jaha milna tha kabhi par mukkdar ne teri rubaru laya hi nahin »

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