Antariksha Saha, Author at Saavan's Posts

जज़बात

जज़बात आज फिर से उमरे है कलम आज फिर बरसे है फिर से इस नादान दिल को फिसलने का मौका मिला है फिर से आँखों में उसका नूर दिखने लगा है उम्मीद ना थी इस दिल को की तुम मिल जाओगी इस गहरी रात की यू खुशनुमा सुबह हो जाएगी »

प्यार का पहला पन्ना

तुझसे क्या नाता जुड़ा की हर सकस मैं तू नज़र आया इतनी भी ना पास आ तू की मेरे अकेलेपन को तेरी आदत पड़ जाए गम ए दिल को दर्द की तोह आदत है पर वहा ए मोहब्बत पहली बार है सजदा किसका करु पता नहीं तेरा या उस खुदा का जिसने तुझे बनाया »

अक़ीदत

तेरी अक़ीदत मेरी इबादत तेरी ज़ीनत(श्रृंगार) मेरी सलत (prayer) तुझसे मिलाने के लिए उस खुदा का शुकराना, तेरी चाहत में इस नाचीज़ का कबूल कर नज़राना ऐसा क्यों लगता हैं की ज़िन्दगी के कुछ पल नासार हैं तेरे साथ इस जनम का नहीं बाकी के सारे जन्मो का साथ हैं, तुझसे से बस एक ही दुआ हैं मेरी की मौत भी ना जुदा कर पाए ये साथ तेरी »

उंगली पकर कर

उंगली पकड़ कर थामा था जिसका हाथ पता नहीं क्यों वो छोर गया मेरा साथ मेरे अनकही बातों को समझने वाले जज़बात पता नही क्यों खुदा को नहीं आया रास मेरे सभी ख्वाइशों को सुनने वाले पूरे हो या ना हो पर भरसक कोशिश करने वाले पता नहीं क्यों आज भी गुज़ारिश करता हूँ थोड़ा ही सही दिल में आज भी उनके पूरे होने की ख्वाइस रखता हूँ »

Dard

दर्द तूफान में उजड़ने का नहीं दर्द अपनो का तूफान में मुझे देखकर किवाड़ बंद करने का है »

पहला प्यार

पहला प्यार जाम की तरह होती हैं जब भरी हो तोह उसका अहसास नहीं होता जब खाली हो तोह उसकी लत छूटती नहीं »

ज़मीर

यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती यार फूलों से सजाना नहीं कुछ तोह अपने पास रख देना कुचलने पढ़ अपने मरहम पढ़ ओढ़ लेना यार रोना नहीं मेरे मौत पढ़ खुश तोह अपने मौत पढ़ भी हुए थे सपनो के लिए खुद को कुचल के जिये थे आज सोचों तोह सपने सारे हासिल हो गए पढ़ खुशि कहीं बेसुध सी खड़ी हैं यार दफन करना मुझे आग तोह तेरे पास भी नहीं होता तोह आज यह नौबत ना आती »

बाबा की अलमारी

बाबा की आलमारी लगती थी मुझको पयारी आचारों और चॉकलेट की फुलकारी अनसोचे ख्वाबो का पिटारा कलम किसमिस खिलौनो का पिटारा बचपन के उन ख्वाबो का ही तोह है सहारा आज ना बाबा रहे ना उनकी अलमारी घोसला छोड़ कब के उड़ गए है सब अदाकारी घर तोह कब के बदल गए पड़ याद उन्ही के रह गए »

ज़िन्दगी

पहली बार जब रोया तोह भूख और प्यास थी दूसरी बार जब रोया स्कूल का पहला दिन था तिसरी बार जब रोया तब स्कूल का आखरी दिन था कॉलेज के दिन तोह रुलाने के थे दुसरो को छोड़ो ना उस बात को और मुझको लगता था सबसे ज्यादा गम तेरे छोड़ने का था पढ़ जब सोचने और लिखने बैठा तोह देखा यह एक मामूली घटना हैं जो तकरिबन सबके साथ हुआ हैं हम ज़िन्दगी में भूल जाते हैं की तवज्जो किस बात को देना है दोस्तों यह चंद लाइन बेहद निजी है पढ़... »

Looking back in times

Looking back in times, When you and me were lonely in the moonlight, Time has passed by, I wait for those times tonight Looking back in times When I was driving you town You flipped your hair and looked down I was just spellbound oh baby missing u tonight. Looking back in times, there were so many memories deep down my heart, Ohh baby missing u tonight. »

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