Anoop, Author at Saavan's Posts

हम बेताब बैठे है

हम बेताब बैठे है इश्क़ करने को कोई बेइश्क हो, तो बता देना हम भी तो देखें इश्क़ क्या है और इसका अपना क्या मजा है मैंने सुना है कि इश्क़ दीवाना होता है उम्र मेरी भी है अब इश्क़ की थोड़ा सा मुझे भी हो जाने दो इश्क़ सुकून देता है या दर्द तुमने क्या महसूस किया इसकी मुझे परवाह नहीं इश्क़ की हवा में मुझे भी सांस लेने दो तन्हाईयों में अब घुटन महसूस होती है इश्क़ मुझे कोई जीना सिखा दे कोई ऐसा इश्क़ कर लेना... »

बोल

तू कुछ बोले तो मैं सुन लू ख्वाब दिलों के सारे मैं खुद ही बुन लू »

दोस्ती

आज फिर एक साथी मुझे छोड़कर चला गया आँखों को रुलाकर चला गया और होंठों को हँसा कर चला गया पूछ बैठा कि नाराज तो नहीं हो जाहिर भी कैसे करता दोस्त था अपना जाते -जाते “अपना ख्याल” रखना कहकर वो फिकर जताकर चला गया चेहरे को मुस्कुरा कर चला गया और हाथों को मिला कर चला गया जाने अनजाने में ही सही एक रिश्ता बनाकर चला गया खुद बिखरा हुआ था अन्दर से मुझे दुनिया हसीन बताकर चला गया ………... »

दिल की आवाज

दिल क्या कहता है इस दिल की बात सुनू दिल तो पागल है फिर भी इसके साथ चलू वे मक्शद आवारा पीछे भागा करता है मैं समझ नहीं पाता पागल ये प्यार किसी से करता है कभी सासों सा धडकता है कभी हवा में तैरा करता है मैं समझ नहीं पाता पागल ये प्यार किसी से करता स्वछन्द अन्धेरी रातों को कुछ सपने पिरोता रहता है दिन के उजयारे में हर पल मचलता रहता है ख्वाबों की दुनिया में डूबा रहता है मैं समझ नहीं पाता पागल ये प्यार कि... »

माँ

माँ तू कुदरत का करिश्मा है या तेरा करिश्मा है इन्सान कोई भी हो तेरी चाहत तो सबको होती है   या इ »

तुम्हारी याद

क्यों रूठे हो तुम हमसे…  ? ना तुम याद आते हो ना तुम्हारी याद आती है जिक्र जो करूँ तुम्हारा तो ये बैरन हवा दिल के पन्ने पलट कर चली जाती है छाया तेरी जुल्फों की मांगू तो ये तपती दुपहेरी मेरे चेहरे को जला जाती है खुद की वफा साबित करु तो मेरे सीने की धड़कन ही मुझे बेवफा बतलाती है मुलाकात तो होती है रास्तों पर मैं नज़रें झुका लेता हूँ वो नज़रें चुरा लेती है भूले नहीं हम दोनों अभी तक मैं हँस देता ... »

वो प्यार

वो प्यार कर रही थी अपने लबों से मेरे होंठों पर इजहार कर रही थी मुझसे कभी रुखसत न होना ऐसे वादे हजार कर रही थी …………………….. अनूप हसनपुरी »

कोरा पन्ना

तू कोरा पन्ना है मैं तेरी लिखावट बन जाऊँगा तू मेरी कलम के शब्द बन जाना मैं तेरे शब्दों की किताब बन जाऊँगा तू गुलाब के फूल बन जाना मैं तेरे घर की सजावट बन जाऊँगा तू मेरे होंठों की हसी बन जाना मैं तेरे चेहरे की मुस्कुराहट बन जाऊँगा तू मेरा जिस्म बन जाना मैं तेरी रूह बन जाऊँगा तू मेरे लिए बस इन्सान बन जाना मैं तेरे लिए भगवान बन जाऊँगा ………………………... »