अंकित तिवारी, Author at Saavan's Posts

जब भी मैं तुझसे

जब भी मैं तुझसे कहीं पर मिलता हूँ, सोचता हूँ कि कम से कम आज तो, तेरे आँचल में सर रख कर तुझको निहारता हूँ, इसी तमन्ना में अक्सर मेरा तुझको यूँ ही देखना, मेरे देखने पर तेरा शरमा कर नज़रे झुका लेना, फिर तिरछी निगाहों से मुझे खुद पर से नज़रे हटाने को कहना मेरा नज़रे तो हटा लेना पर, अगले ही पल, दिल में हजारों सवालों का आ जाना, कि, कैसे हटा लूँ ये नज़र तेरे चेहरे पर से, जब मेरी आँखों को सिर्फ इसी ताज से चेह... »

बात

जो बात हम में हैं, वो बात ना तुझ में हैं और ना ही मुझमे!!! »

मुबारक

मुबारक हो तुमको एक नई रोशनाई,, चाहतों के समुंदर की प्यारी गहराई,, क्या तोहफा दूँ तुमको, समझ नहीं आता,, तुमने ने तो सारी दुनिया हैं महकाई,, हर तरफ अपनी मुस्कान बिखेरते रहना,, गमो को तो बस भैस चराने भेज देना,, शोपिंग करना, चहकते रहना, संवरते रहना अगर कोई सड़ता हैं तो उसे सड़ने देना!! सूरज से तेज किरणों में भी गुलाब सी महकती रहना,, खाली बैठकर कभी कभार हमको भी याद करती रहना,, इस ज़माने में बचाना चाहती हो... »

हाँ,, मैंने लोगो को बदलते देखा हैं!!

हाँ,, मैंने लोगो को खुद में ही बदलते देखा हैं!! उनके जज्बाती हम को अहम बनते देखा हैं, कल तक जो सबको साथ लेकर चलने की बात करते थे,,, आज उनके खिलाफी ख्वाबो को भी अनाथ होते देखा हैं!! गलत सोचता था कि नाराजगी,, होती हैं चाँद लफ्जो की दगावाजी,, उनके प्यारे सावन से मिलकर जाना,, ये तो सुनामी की हैं कलाबाजी!! मगर सुनामी से ही सागर को उझड़गते देखा हैं,, हाँ,, मैंने लोगो को खुद में ही बदलते देखा हैं!! तुझे भ... »

छु न सके हथियार

छु न सके हथियार जिसे, उसे वो नजरो से घायल करते रहे,, हम भी बने हिम्मती इतने,, वो वार करते रहे, हम हलाल होते रहे!! कल तक मिल्कियत की जिसकी मिसाले देता था जमाना, उसे ही वो होठों के जाम पिलाते रहे,, हम भी शौक से पीते रहे!! कुछ तो बात हैं कान्हा, जो सितारे उसे चंदा समझ लेते हैं अक्सर,, काश!! वो भी मेरी ख़ामोशी समझ पाए और  हम भी उन्हें देखते रहे!! »

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तस्वीर

बहुत दिन हो गए उसके ख्यालो की आंधी में बसे हुए,, चलो आज उसकी एक तस्वीर बनाते हैं,,   उसकी अल-कायदा सी आँखे हैं,, जो बस मार ही डालती हैं,, उसकी बुलडोज़र सी बाते हैं,, जो बस गिरा ही डालती हैं,,लगता हैं उसके बाप का किसी कसाब से तगड़ा रिश्ता हैं…वरना ताज की खूबसूरती को यूँ ही नहीं चकनाचूर कर डालती हैं… »

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आतंकबादी

मैं क्यों सोचु वो मेरे बारे में क्या सोचेगी, मुझे अच्छा लगता हैं उसे रोज सुबह सुबह गुड मोर्निंग विश करना,, जानता हूँ कोई रिप्लाई नहीं आएगा फिर भी उसके मैसेज का इन्तजार करना ,,, अरे अच्छा लगने से याद आया कि वो जब अपने दांतों के बीच में पेंसिल को दबा कर कुछ सोचती हैं,, हाए क़त्ल-ए-आम हो जाता हैं, कई बार तो मुझको लगता हैं की सरकार को उस बैन लगा देना चाहिए,, यार इतना बड़ा कातिल आजाद कैसे घूम सकता हैं,, ... »

दर्द- इश्क और ज़िन्दगी

लड़कपन की बात ही कुछ और थी, तब तो मेरी भी आँखों में सपने सुहाने थे ! हाथों में हाथ डाल कर, सीखेगी दुनिया हमसे प्यार करना, कुछ ऐसे वादे हमारे थे! चलता तो रहा मैं सिर्फ उसको देख कर, उस पर विश्वास कर, अनजानी सी राहो पर, पर छोड़ अकेला मुझे वो चला ही गया, बिना कुछ बताये खुद की बनाई हुई नयी राहो पर!!   ना जाने ऐसा क्या था उसी में, जो टूट कर मैं इतना बदल गया, शराब के नाम से नफरत करने वाला, आज उसी में सिमटत... »

तो कहना !!!

कभी गौर से देखना खुद को आईने में, खुद ही खुद में ना खो जाओ तो कहना,, कभी पासजाकर देखना गुलाब के, खुशबुसे खुद ही ना बिखर जाए तो कहना,, बहुत नाज़ कर रही हैं लहरे आज कल खुद के इठलाव, बलखाव, झुमाव पर, आपकीजुल्फों के लहराव तले,लहरे खुद ही खुद में ना डूब जाए तो कहना !!!   चाँदबड़ा पागल हैं, कहीं और से रोशनी पाकर बहुत ही ज्यादा इतराता हैं, देख ले तुम्हे ज़रा सा एक बार,पसीने में लथपथ ना हो जाए तो कहना !!!   ... »

इतना आसान

इतना आसान हूँ मैं कि हर किसी को समझ में आ जाता हूँ,, शायद तुमने ही मुझे पन्ने छोड़-छोड़ कर पढ़ा था!! इसलिए हक हैं तुझे,, तू भी तो मुझसे दूर सकता हैं,, मेरा भी मन तो तेरी खातिर दुनिया को भुला बैठा था!! मगर इतना गुमान जरूर हैं मुझे अपने वजूद पर कि,, तू मुझसे दूर ही जा सकता हैं, मगर भुला नहीं सकता!!! न तो मैं अनपढ़ रहा, और ना ही काबिल रह पाया,, ऐ इश्क,, खाम-खाँ तेरे स्कूल में मेरा हुआ दाखिला था!!!! मगर ए... »

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