Anju, Author at Saavan's Posts

E nadan

Samandar me mana gaharai hoti hai, magar Jwar bhata bhi aata hai Daba kr naa rakh jauk-e – junoon ko e nadan Woqt aane pr har raaj khul jaata hai »

तुम देह नहीं तुम देहाकार हो

तुम देह नहीं तुम देहाकार हो देह में हो देह से मगर पार हो क्या दिखायेगा रूप दर्पण तुम्हारा देखो अंतर में, खुलेगा राज सारा शाश्वत सौंदर्य ज्योति पारावार हो देह में हो देह से मगर पार हो. क्षणिक मौजों सा देह का उभार है मुखडे में देखे क्यों सौंदर्य-सार है भूले तुम, आत्मा का कैसे श्रंगार हो देह में हो देह से मगर पार हो. देख दर्पण ना जीवन गवां प्राणी ह्दय नगरी में उतर हो जा फानी ज्ञान रत्नों पूर्ण तेरे उ... »