Anjali Gupta, Author at Saavan's Posts

इश्क़ की इलायची

कब इश्क़ की इलायची जिंदगी में घुलती है जिंदग़ी में महक तभी ताउम्र ठहरती है »

Teri Yaado ka ghar

Teri Yaado ka ghar bana ke rahati huoi puche agar ko mera naam, naam tera hi kahati hu »

हवाओं में पतंग की तरह उड़ने को जी करता है

हवाओं में पतंग की तरह उड़ने को जी करता है बैठकर लहरों की बाहों में तैरने को जी करता है जी करता है पा लूं ऊंचाई आसमा की पाताल की गहराई नापने को जी करता है| »

जब छूटेंगे हम तीरों से

कितने भी जुल्म तुम कर लो, बांध दो कितनी ही जंजीरो से मिटा देंगे तेरी हस्ती पल भर में जब छूटेंगे हम तीरों से »

कहां कह पाती हूँ मैं कुछ तुमसे

कहां कह पाती हूँ मैं कुछ तुमसे अल्फ़ाज जज्बातों का साथ ही नही देते। »

जैसे जैसे मकर संक्रांति के दिन करीब आते हैं

जैसे जैसे मकर संक्रांति के दिन करीब आते हैं उत्सव का माहौल हवा में भर जाता है इतने ध्यान से तैयार किया गया कागज धागे के साथ पतंग बन उड़ जाता है ये कागज की पतंगें बहुत आनंद देती हैं नीले पैमाने पर, एकमात्र खिलौना ये सबको मंत्रमुग्ध कर देती हैं| हज़ारो पतंगे आसमान को भर देती हैं कीमती हीरो की तरह कई आकारो में सभी आँखें को आकाश की ओर मोड़ देती हैं युद्ध की शुरुआत पतंगों के टकराने से होती है पतंग काटने ... »

नई इबारतें

लोग पुराने अफ़साने लिखते है मैं नई इबारतें लिखना चाहती हूं »

मैं मुझी में खो गई हूं शायद

खुद को अब किस जगह ढ़ूढ़ूं अब मैं मैं मुझी में खो गई हूं शायद »

दर्द के हर एक कतरे को

दर्द के हर एक कतरे को सहेज कर रखती हूं मैं कब जाने कौन सा कतरा तुम्हे मेरे करीब ले आये »

चुनावों के इस मौसम में

चुनावों के इस मौसम में फिजा में कई रंग बिखरेंगे अगर कर सके हम अपने मत का सही प्रयोग हम नये युग में नयी रोशनी सा निखरेंगे »

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