Aman, Author at Saavan's Posts

मॉ बोली लाठी से मारुँगी ।??

आज मेरे पास सावन की मातृ दिवस की लिंक आई । फिर क्या इसे देखकर मुझे भी सनक आई । फिर मैने भी कलम उठाई । और पुरी महेनत से एक कविता बनाई । फिर मैने मेरी कविता सबसे पहले मॉ को सुनाई । मॉ हल्का सा मुस्काई । और बोली बेटे तेरी ये कविता तो समझ ना आई। पर तेरी ऑखो मे मेरे लिये इज्ज्त देखकर ऑखे भर आई । मॉ को रोता देख मेरी ऑखे भी भर आई । इतना देख मॉ रोना छोड अचानक गुस्से मे आई । और उसने अपने पास पडी लाठी उठाई।... »

My first poem

आज सुबह मुझे एक बात याद आई, कि मेरी परीक्षा की तिथि पास आई। इसी बात पे मैने श्याम जी से गुहार लगाई, तभी मुझे एक आवाज देने लगी सुनाई। फिर क्या मैंने उन्हें अपनी बात बताई, और कहा अगर तुने श्याम मेरी बिगडी बनाई। तो मैं तुम को खिलाऊंगा एक डिब्बा मिठाई, फिर हँसी कि आवाज मेरे कानो मे आई। मैंने पुछा ऐसी कौन सी बात पर आप को इतनी हँसी आई, तभी मुझे आवाज आई, जिसनें यह पुरी सृष्टि बनाई। तु उस को खिलाएगा मिठाई... »

मुस्कुरा कर …..

‘मुस्कुरा कर जो देखो तो सारा जहाँ हसीं दिख जाता है..’ वरना.. ‘भीगी आँखों से तो आईने में अपना चेहरा भी धुंधला नज़र आता है..’ »