Akhilendra Tiwari, Author at Saavan's Posts

जिंदगी का वो फसाँना

✋✋✋✋✋✋माँ का आशीर्वाद✋✋✋✋✋✋✋ जिंदगी का वो फसाँना आज भी है याद मुझको माँ की वो लोरी का गाना आज भी है याद मुझको जिंदगी के काफिले मे ताजशाही कम नही है माँ तुम्हारी ही दुआ है जिंदगी मे गम नही है माना मैने इस जहाँ की दुआ मुझपर कम नही है माँ तुम्हारी दुआ सा अब इस दुआ मे दम नही है तेरी दुआ से है हजारों साथ मंजिल काफिले मे माँ तुम्हारे जैसे कोई अब यहाँ हमदम नही है तेरा वो माथा चूमना और दर्द का काफूर होना ... »

तेरे पैरो की धूल जबसे लगाई है माथे पर

✋✋✋✋✋माँ का आशीर्वाद✋✋✋✋✋ तेरे पैरो की धूल जबसे लगाई है माथे पर जहाँ की हर चमक अब सामने जुगनूँ सी लगती है मेरी औकात क्या है कुछ नही है इस जमाने मे वो तो माँ की दुआ है , शाह बनकर घूमता हूँ मै जहाँ मे कुछ नही ऐसा जो कि झकझोर दे मुझको वो बस इक माँ के आसूँ है जो दिल को तोड़ देती है हजारों मुश्किले तूफां गिराना चाहते मुझको वो तो माँ की दुआयें है , जो सबको मोड़ देती है दौलते लाख दुनियाँ की खड़ी कर दो जहाँ ... »

बादल

बादल ,बादल बन आया था बादल , बादल बन छाया था चहुँ ओर बरसकर बादल ने भारी कोहराम मचाया था बादल बादल बन लहर गया अरि मुंण्डो पर वह घहर गया चहुँ ओर मचा था चीत्कार अरि की सेना मे थी पुकार भागो , भागो अब जान बचा बादल आ पहुँचा समर द्वार बादल की टाँपों से प्रतिपल बादल की तड़क तड़कती थी गज, बाजि, सिपाही मुण्डों पर बिजली की तरह कड़कती थी अरि मुंण्डो पर गज सुंण्डो पर कब कहा गया कुछ पता नही चपला की तरह दिखा पल भर ... »

तेरी यादों के सहारे ही जी रहा हूं मैं

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हे भारत की वसुधा तुझको

मित्रो , ईश्वर के आशीर्वाद से , आज मेरी रचना , एक बार फिर राष्ट्रीय अखबार “दैनिक वर्तमान ” मे प्रकशित हुई है जिससे मेरे साहित्यिक क्षेत्र को बल , संबल प्राप्त हुआ है। आपके आशीर्वाद का आकांक्षी आपका:- अखिलेन्द्र तिवारी (कवि) श्री रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा (तुलसी जन्मभूमि राजापुर गोण्डा ) उत्तर प्रदेश »

अंधकार की तिमिर ज्योति में

मित्रो , ईश्वर के आशीर्वाद से , आज मेरी रचना , एक बार फिर राष्ट्रीय अखबार “दैनिक वर्तमान ” मे प्रकशित हुई है जिससे मेरे साहित्यिक क्षेत्र को बल , संबल प्राप्त हुआ है। आपके आशीर्वाद का आकांक्षी आपका:- अखिलेन्द्र तिवारी (कवि) श्री रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा (तुलसी जन्मभूमि राजापुर गोण्डा ) उत्तर प्रदेश »

नीरसता जीवन में

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Hum Akhand Deepak Ki Jwala

भैय्या माँ के आशीर्वाद से आज मेरी रचना राष्ट्रीय समाचार पत्र “दैनिक वर्तमान ” मे प्रकाशित हुई है । जिससे मेरे साहित्यिक क्षेत्र को बल संबल प्राप्त हुआ है । आपके आशीर्वाद का आकांक्षी आपका-: अखिलेन्द्र तिवारी ( कवि ) श्री रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा (तुलसी जन्मभूमि राजापुर गोण्डा) »

प्रचंड ज्वार लाओ

प्रचंड ज्वार लाओ नव चेतना जगाओ इतिहास नव रचो तुम नित नव कुसुम खिलाओ तुम हो अखंड दीपक बुझने की बात छोड़ो इतिहास के रचयिता इतिहास फिर से मोड़ो »

अभय गान अपने वाणी का मै स्वर आज सुनाता हूँ

अभय गान अपने वाणी का मै स्वर आज सुनाता हूँ ले समसीर लेखनी की मै रण नवगीत सुनाता हूँ माँ वीणा पाणी के चरणो मे मै शीश झुकाता हूँ माँ रणचंडी के झंकृत की मै झनकार सुनाता हूँ मै गायक हू नही किसी प्रेमी के अमर कहानी नही किसी लैला , मंजनू के अधरो भरी जवानी का न ही कवि हू मै , रांझा के अमर प्रेम कुर्बानी का मै तो चारण हूँ झाँसी की रानी की कुर्बानी का मै यथार्थ कवि हूँ, भारत के अमर वीर नवदूतो का मै कवि हूँ... »

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