Akhilendra Tiwari, Author at Saavan's Posts

Hum Akhand Deepak Ki Jwala

भैय्या माँ के आशीर्वाद से आज मेरी रचना राष्ट्रीय समाचार पत्र “दैनिक वर्तमान ” मे प्रकाशित हुई है । जिससे मेरे साहित्यिक क्षेत्र को बल संबल प्राप्त हुआ है । आपके आशीर्वाद का आकांक्षी आपका-: अखिलेन्द्र तिवारी ( कवि ) श्री रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा (तुलसी जन्मभूमि राजापुर गोण्डा) »

प्रचंड ज्वार लाओ

प्रचंड ज्वार लाओ नव चेतना जगाओ इतिहास नव रचो तुम नित नव कुसुम खिलाओ तुम हो अखंड दीपक बुझने की बात छोड़ो इतिहास के रचयिता इतिहास फिर से मोड़ो »

अभय गान अपने वाणी का मै स्वर आज सुनाता हूँ

अभय गान अपने वाणी का मै स्वर आज सुनाता हूँ ले समसीर लेखनी की मै रण नवगीत सुनाता हूँ माँ वीणा पाणी के चरणो मे मै शीश झुकाता हूँ माँ रणचंडी के झंकृत की मै झनकार सुनाता हूँ मै गायक हू नही किसी प्रेमी के अमर कहानी नही किसी लैला , मंजनू के अधरो भरी जवानी का न ही कवि हू मै , रांझा के अमर प्रेम कुर्बानी का मै तो चारण हूँ झाँसी की रानी की कुर्बानी का मै यथार्थ कवि हूँ, भारत के अमर वीर नवदूतो का मै कवि हूँ... »

टूटे कंगन बोल रहे मेरा न्याय करेगा कौन

मित्रो! अभी हाल ही मे शहीद हुए हमारे देश के चार सैनिको को ,अपनी कविता के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये, मैने आप तक ए कविता पहुचाने की कोशिश की है अगर आपको ये कविता पसंद आये तो ये बात देश के अन्य लोगो तक पहुचाने की कोशिश करे। जय हिंद जय भारत टूटे कंगन बोल रहे मेरा न्याय करेगा कौन । मांगो के सिंदूर पूछते यह अन्याय भरेगा कौन ।। सीमा पर से उस प्रहरी की आवाजे है चीख रही। मेरे बलिदानो की बोलो क... »