Puneet Sharma, Author at Saavan's Posts

“झूठी शान से बच जाती”

********************************* गोद में लेकर मुझे हे पिता! तुमने कहा था मांग ले गुडिया तुझे जो खिलौना मांगना है ********************** हाथ जिस पर रख दिया तुम्हे कब ना पसंद था उसका क्या मोल है उठा कभी यह प्रश्न था? ********************** जिन सपनो के संग खेली भेदभाव था नहीं उनमे कभी जीवनपथ में स्वयं चुनाव हो एसा सन्देश था जिनमे कभी ********************** माँ भी मुझे प्यार करती पर कभी वह डांट लेती ... »

मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है

देख तिरंगे की लाचारी कैसे हर्शाएं हम आजादी पर कैसे नांचे कैसे झूमे गायें हम   भारत माँ का झंडा जब पैरों के नीचे आता है और जहाँ अफ्जालों पर मार्च निकाला जाता है जिस देश में दीन-हीन कोई पत्ते चाटकर सोता है भूख की खातिर कोई यहाँ जब बच्चे बेच कर रोता है जहाँ अमीरों के हाथो से बेटिया नोची जाती हैं जब कोई सांसद संसद में महिला को गाली दे जाता है मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है इस झंडे को... »

मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है

देख तिरंगे की लाचारी कैसे हर्शाएं हम आजादी पर कैसे नांचे कैसे झूमे गायें हम   भारत माँ का झंडा जब पैरों के नीचे आता है और जहाँ अफ्जालों पर मार्च निकाला जाता है जिस देश में दीन-हीन कोई पत्ते चाटकर सोता है भूख की खातिर कोई यहाँ जब बच्चे बेच कर रोता है जहाँ अमीरों के हाथो से बेटिया नोची जाती हैं जब कोई सांसद संसद में महिला को गाली दे जाता है मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है इस झंडे को... »

सच में मिली आजादी?

हिन्द के निवासियों धरती माँ पुकारती है उठ खड़े हो जाओ तुम माँ भारती पुकारती है धर्म, जाती-पाती से तुम बाहर आकर भी देख लो आजाद भारत में आज भी मजदूर बंधुआ बने देख लो ये आजादी है या भ्रमजाल वक्त चल रहा ये कैसी चाल भूख की खातिर जहाँ जिस्म बिकते देख लो शौक की खातिर जहाँ जिस्म नुचते देख लो मानव की औकात क्या पशु असुरक्षित हैं, देख लो भारत के कर्णधारों से भविष्य के सितारों से माँ भारती ये पूछती है सच में म... »