Abhishek Arya, Author at Saavan's Posts

आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |

अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था , करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था , वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से, उसका वर्णन करू मैं कैसे कलम की अपनी बातो से , दे दी हमें आजादी लेकर खुद पर वो अंजाम , आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम | »

||देखो क्या है हालत मेरे हिन्दूस्तान की ||

किस्मत हमारी लटक रही है जैसे पाव में पायल , भारत माँ विलख रही है जैसे दीन-दुखी घायल , जिस आँचल में पले- बढे उसमे बम- गोले फुट रहे है , एक सिरे से खुद बेटा दूसरे से दुश्मन लूट रहे है , रूह काँप उठता है देखकर हालत वर्तमान की , देखो क्या है हालत विधाता मेरे हिन्दूस्तान की| जहा सोने की चिड़िया रहती वो भारत मेरा बगीचा था , जिसको खुद ‘बिस्मिल’ ने अपने खुनो से सिंचा था , जिसने भारत माँ की सेवा... »