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  • तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ!
    तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ!
    डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में,
    मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ!
    तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ!
    डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में,
    मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • Pagal !! pagal !! pagal !!
    Hain mein pagal hoon
    Tou kya hua saari duniya pagal hai,
    Koi paiso k liye pagal hai ,
    tou koi izzat k liye pagal hai,
    Tou koi shohrat k liye pagal hai,
    Tou koi ishq mein pagal […]

  • Tut Gaye woh spane, badal gya kitabo ka itihash,Jinka pehle se hi tha aabhash!!
    Ho Gaye pure sapne unke, jo dekhe the sab k Mann k,
    Main phi laut aaya hu apni zindagi mein,
    Ker liya hu apna pura kaam,
    Bus Jita […]

  • Tut Gaye woh spane, badal gya kitabo ka itihash,Jinka pehle se hi tha aabhash!!
    Ho Gaye pure sapne unke, jo dekhe the sab k Mann k,
    Main phi laut aaya hu apni zindagi mein,
    Ker liya hu apna pura kaam,
    Bus Jita […]

  • मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है!
    मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है!
    दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी,
    यादों की दिल में चुभती सी लहर होती है!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है!
    मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है!
    दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी,
    यादों की दिल में चुभती सी लहर होती है!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • Sun lo bhaiya kehti hoon
    Man ki baat main sachhi
    Koi aata thal pe
    Koi vayu koi jal
    Koi chalta chaal kachhue ki
    Koi ude mast malang
    Manzil sabki ek hi bhaiya
    Woh manzil hai masti

    Maano na tum baat […]

  • Khudi sadak par khud Gaye he aaate Armaan mere
    Chala tha aasmaan ki taraf, khude Gadde me for pade

  • मेरे गम को मेरा ठिकाना मिल जाता है!
    तेरे ख्यालों का आशियाना मिल जाता है!
    जब दिल को सताती है प्यास तमन्नाओं की,
    मेरी तिश्नगी को मयखाना मिल जाता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है!
    वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है!
    तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का,
    तेरी चाहत को पलकों में नम ले आती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • Naaraj nhi tujse.
    Bus khud se nirash hu..
    Ki itna pyar dene k bavjud bhi.
    Tune sirf ashu die..
    #devil

  • Naaraj nhi tujse.
    Bus khud se nirash hu..
    Ki itna pyar dene k bavjud bhi.
    Tune sirf ashu die..
    #devil

  • ठहरना मुश्किल हैं
    ठहर गये तो माहोबत हौ जाएगी..
    ठहरने की अब मुझमे हिम्मत नही..
    ऑर माहोबत मेरे वजुद मे लिखी नही…

  • हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है!
    वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है!
    तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का,
    तेरी चाहत को पलकों में नम ले आती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • कबतक देखता रहूँ तुमको देखकर?
    कबतक सोचता रहूँ तुमको सोचकर?
    हर साँस गुजरती है मेरे जिस्म की,
    मेरे लबों की राह से दर्द बनकर!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जीवन की पथरीली राहों पर,
    जब चलते-चलते थक जाऊँ,
    पग भटके और घबराऊँ मैं,
    तब करुणामयी माँ के आँचल सा स्पर्श देना,
    ऐ ईश मेरे ।

    जब निराश हो,
    किसी मोड़ पर रूक जाऊँ,
    हताश हो, कुण्ठाओं के जाल से,
    न निकल पाऊँ […]

  • Hi saawan team

  • कभी तो किसी शाम को घर चले आओ!
    कभी तो दर्द से बेखबर चले आओ!
    रात गुजरती है मयखाने में तेरी,
    राहे-बेखुदी से मुड़कर चले आओ!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय
    #मात्रा_भार_22

  • मेरा हरेक आलम ख्वाब तेरा लगता है!
    तेरा ख्याल सर्दियों में धूप सा जलता है!
    जब भी सताती हैं सरगोशियाँ इरादों की,
    नींद के आगोश में दर्द तेरा चलता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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