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  • मेरा सकून तेरी मुलाकातों में है!
    तेरी तमन्ना दिल के जज्बातों में है!
    हरवक्त खींच लेती है तेरी जुस्तजू,
    तेरी यादों की खूशबू रातों में है!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • जबसे तेरी चाहत में नाकाम हो गया हूँ!
    दर्द और तन्हाई का पैगाम हो गया हूँ!
    मैं ढूंढता रहता हूँ सब्र को पैमानों में,
    तेरी याद में भटकी हुई शाम हो गया हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जबसे तेरी चाहत में नाकाम हो गया हूँ!
    दर्द और तन्हाई का पैगाम हो गया हूँ!
    मैं ढूंढता रहता हूँ सब्र को पैमानों में,
    तेरी याद में भटकी हुई शाम हो गया हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • जबसे तेरी चाहत में नाकाम हो गया हूँ!
    दर्द और तन्हाई का पैगाम हो गया हूँ!
    मैं ढूंढता रहता हूँ सब्र को पैमानों में,
    तेरी याद में भटकी हुई शाम हो गया हूँ!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • अभी रिश्ता दिलों का धड़कनों में चलने दो!
    अभी #शामे_तन्हाई को रात में ढलने दो!
    कभी तो मिलेगा हमें भी रास्ता मंजिल का,
    रोशनी उम्मीद की बेखौफ सा जलने दो!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • क्यों जिन्दगी में प्यार से डरे हुए हैं लोग?
    राहों में मददगार से डरे हुए हैं लोग!
    ठहरी सी परछाइयां हैं मंजिलें बनकर,
    गमों के कारोबार से डरे हुए हैं लोग!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • आज कल के महंगे बॉलपेन से ,
    मेरी कच्ची पेंसिल अच्छी थी ||
    बॉलपेन की रफ़्तार से ,
    मेरी पेंसिल की धीमी लिखावट अच्छी थी ||

    गलती पर रब्बर पेंसिल का साथ ,
    होता गुरु शिष्ये का आभास ||
    गुरु की डाट पर वो रब्बर से म […]

  • गुजरे हुए जमाने की तुम बात न करो!
    दर्द के अफसाने की तुम बात न करो!
    कुछ देर तलक होश में रहने दो अभी,
    जाम के पैमाने की तुम बात न करो!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • काश तुमसे चाहत को बोल पाता मैं भी!
    काश गाँठें लफ्जों की खोल पाता मैं भी!
    ठहरी हुई निगाहें हैं मेरी पत्थर सी,
    काश तेरी बाँहों में डोल पाता मैं भी!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

    • Panna replied 2 weeks ago

      ख़्वाहिशें मेरी उड़ती पतंग की तरह हे
      ख़यालों की हवा में बस उड़ती जाती हैंl

  • तुमको देखकर मेरा दिल मचलता है!
    तुमको सोचकर मेरा दिल बहलता है!
    कैसे मैं लगाऊँ जख्मों पर बंदिशें?
    मुझको गमें-ख्याल दिन रात कुचलता है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

  • यूँ ही उम्र तन्हा गुजरती रहेगी!
    बस तेरा इंतजार करती रहेगी!
    चाहत तैरती है अश्कों में लेकिन,
    तेरी याद रगों में चलती रहेगी!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • यूँ ही उम्र तन्हा गुजरती रहेगी!
    बस तेरा इंतजार करती रहेगी!
    चाहत तैरती है अश्कों में लेकिन,
    तेरी याद रगों में चलती रहेगी!

    मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

  • यादों की करवट से लकीर सी बन जाती है!
    दिल में तरंगों की तस्वीर सी बन जाती है!
    जब भी आ जाता है सैलाब तमन्नाओं का,
    दर्द की कड़ियों की जंजीर सी बन जाती है!

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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