“मैं लाख कह दूं कि आकाश हूं ज़मीं हूं मैं
मगर उसे तो ख़बर है कि कुछ नहीं हूं मैं
अजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझ को
वहां पे ढूंढ रहे हैं जहां नहीं हूं मैं”
– राहत इंदौरी

 

2700+ Poets 6.7k Poems 14.2k Comments


सर्वश्रेष्ठ कवि सूची

‘फ़ोटो पर कविता’ : साप्ताहिक कविता प्रतियोगिता

पिछले सप्ताह के विजेता – Ashmita (कविता-वोट डालने चलो सखी री)

 कविता प्रकाशित करने के लिए यहां क्लिक करें |


Latest Activity

 

सावन पर हिन्दी लेखक बनें|