अर्सों के बाद मुलाकात जरुरी है समझता हूँ ,

मेरे बिन तेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ !

इन्तजार में जो सुख चुके हैं तेरे आँख केआँसू ,

उनके न निकलने की मज़बूरी मैं समझता हूँ !!
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2 Comments

  1. Dev Kumar - January 12, 2017, 1:20 pm

    So Nice Nitesh Ji

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