ग़ज़ल-ऐ-शराब……

एक शराब की कहानी है ये
एक शराबी की जुबानी है ये

पीता है वो सुबह-शाम जी भर के
एक शराबी की ईमानदारी है ये

सुकून देती है ये बहुत दिल में जाने के बाद
एक शराबी की मन की मानी है ये

क्यों कोसते है अक्सर सभी इसको दुनिया में
एक शराबी की दिलबर जानी है ये

बहुत हँसीन पल हो जाते है इसको पीने के बाद
एक शराबी ने खुले-आम बात मानी है ये

Dev Kumar

Previous Poem
Next Poem

सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कहानी प्रतियोगिता


समयसीमा: 24 फ़रवरी (सन्ध्या 6 बजे)

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

8 Comments

  1. Profile photo of Mithilesh Rai

    Mithilesh Rai - April 3, 2017, 10:07 pm

    बेहतरीन सृजन

  2. Shakun Saxena - April 2, 2017, 10:06 pm

    nice

  3. Profile photo of Mithilesh Rai

    Mithilesh Rai - April 2, 2017, 9:44 pm

    वाह वाह बहुत खूब

  4. Profile photo of सीमा राठी

    सीमा राठी - April 2, 2017, 3:51 pm

    nice

Leave a Reply