ख़बर

अपने ग़म और खुशियों के बीच दूरी रखता हूँ,
मैं राही अंजाना मगर सबकी ख़बर रखता हूँ।।
राही (अंजाना)

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Neha - July 9, 2018, 8:08 pm

    Nice

  2. ज्योति कुमार - July 10, 2018, 7:52 am

    सुपर

Leave a Reply