ख़त

मैंने सारे जवाब जो तुझे ख़त किये है.
दिल के फरमान काग़ज़ी किये है.
बहोत उदास तेरी चाहतो का शोहबर इन दिनो.
हमनें अपनी फरमाईश जो कियें है।
शौहदा अवध लिखे भी कैसे शहर बदनाम किये है।

अवधेश कुमार राय “अवध”😢

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2 Comments

  1. Anirudh sethi - February 4, 2018, 11:34 pm

    nice lines

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 11:34 pm

    Waah

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