हिम्मत कभी ना हारना

जब पास तेरे कुछ ना हो
उम्मीद किसी से कुछ ना हो
अमावस की रात हो
काला घाना अंधकार हो
तब खुद को तू सवारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब मायूसियो की आंधी हो
मुश्किलो की सूनामी हो
दुखों का चक्रवात हो
और ना किसी का साथ हो
तब खुद को तू पुकारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब अपेक्षाएँ ना रहे
संवेदनाएँ ना रहे
लालच के मायाजाल में भावनाऐ ना रहे
तब खुद को तू ललकारना
हिम्मत कभी ना हारना।
जब पास तेरे कुछ ना हो
उम्मीद किसी से कुछ ना हो
अमावस की रात हो
काला घाना अंधकार हो
तब खुद को तू सवारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब मायूसियो की आंधी हो
मुश्किलो की सूनामी हो
दुखों का चक्रवात हो
और ना किसी का साथ हो
तब खुद को तू पुकारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब अपेक्षाएँ ना रहे
संवेदनाएँ ना रहे
लालच के मायाजाल में भावनाऐ ना रहे
तब खुद को तू ललकारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब सावन तुझे पतझङ लगे
चुनौतियों से डर लगे
देखे दिखाए रास्ते जब तुझे जंगल लगे
तब होसले की धार से
एक नई डगर निकलना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब सावन तुझे पतझङ लगे
चुनौतियों से डर लगे
देखे दिखाए रास्ते जब तुझे जंगल लगे
तब होसले की धार से
एक नई डगर निकलना
हिम्मत कभी ना हारना।

मोहित पाल
मुरादाबाद

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3 Comments

  1. bhoomipatelvineeta - May 9, 2018, 9:35 am

    Nice poetry sir.

  2. yadavjisayam1 - May 10, 2018, 6:27 am

    Nice

  3. शकुन सक्सेना - May 11, 2018, 7:35 am

    Kya baat 3

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