हिम्मत कभी ना हारना

जब पास तेरे कुछ ना हो
उम्मीद किसी से कुछ ना हो
अमावस की रात हो
काला घाना अंधकार हो
तब खुद को तू सवारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब मायूसियो की आंधी हो
मुश्किलो की सूनामी हो
दुखों का चक्रवात हो
और ना किसी का साथ हो
तब खुद को तू पुकारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब अपेक्षाएँ ना रहे
संवेदनाएँ ना रहे
लालच के मायाजाल में भावनाऐ ना रहे
तब खुद को तू ललकारना
हिम्मत कभी ना हारना।

जब सावन तुझे पतझङ लगे
चुनौतियों से डर लगे
देखे दिखाए रास्ते जब तुझे जंगल लगे
तब होसले की धार से
एक नई डगर निकलना
हिम्मत कभी ना हारना।

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. yadavjisayam1 - May 10, 2018, 6:27 am

    Nice

  2. Neha Saxena - May 11, 2018, 1:49 pm

    Very nice sir

Leave a Reply