स्पर्धा

स्पर्धा नहीं कोई ,
ऐ साहित्य सर्जन है

दुरूपयोग न करेंगे
ये आत्म सर्जन है

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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4 Comments

  1. Akanksha - July 10, 2018, 11:47 pm

    Sundar

  2. Arun - July 10, 2018, 11:48 pm

    Sundar

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