स्कूल के दिन

बहुत याद आते हैं वो दिन
जब हम भी स्कूल जाते थे
पीठ पर बस्ता, गले में बोतल
खेलते- कूदते पहुँचते थे।

कक्षा की वो प्रिय अध्यापिका
प्यार से हमको पढ़ाती थीं
जब भी कुछ न आये समझ तो
प्यार से पुनः दोहराती थीं।

लंच से पहले , लंच कर लेना
कैंटीन से फिर पेटीज़ लेना
साथ में मिल बाँट के खाना
रोज की आदत हमारी थी।

एक दूजे का हाथ थामकर
छुट्टी में फिर दौड़ लगाना
कदम से कदम मिलाकर रखना
हम दोस्तों की आदत थी।

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By Neha

13 Comments

  1. Anuj - May 9, 2018, 8:57 pm

    waah

  2. Abhinav - May 10, 2018, 5:41 am

    Nyc

  3. Khushi - May 10, 2018, 1:45 pm

    Kya baat h

  4. Chaman - May 10, 2018, 2:43 pm

    Kya baat

  5. Sneha - May 10, 2018, 8:45 pm

    Very nyc

  6. Riddhima - May 10, 2018, 9:15 pm

    Very nyc

  7. राही अंजाना - May 11, 2018, 2:59 pm

    Waah

  8. Surbhi - May 12, 2018, 10:23 am

    Very nice

  9. Rahul - May 12, 2018, 1:15 pm

    Very nice

  10. राही अंजाना - May 12, 2018, 10:17 pm

    Waah

  11. Shakku - May 13, 2018, 9:50 am

    Waah

  12. Anshu - May 13, 2018, 3:58 pm

    Nyc

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