सुप्रभाती-नमन

सुप्रभाती-नमन
दुआओं की दवाओं ने, वह असर दिखला दिया।
दस दिनों की जगह, दो दिन में ही अंतर ला दिया।
जानकी प्रसाद विवश

प्यारे मित्रो,
गुनगुनाती सुवह का रसीला नमन,
सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें ।
सादर सविनय ।
आपका अपना मित्र
जानकीप्रसाद विवश

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2 Comments

  1. Anirudh sethi - March 12, 2018, 3:57 pm

    नमन

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:53 pm

    Wah

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