सुप्रभाती-नमन

सुप्रभाती-नमन
दुआओं की दवाओं ने, वह असर दिखला दिया।
दस दिनों की जगह, दो दिन में ही अंतर ला दिया।
जानकी प्रसाद विवश

प्यारे मित्रो,
गुनगुनाती सुवह का रसीला नमन,
सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें ।
सादर सविनय ।
आपका अपना मित्र
जानकीप्रसाद विवश

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Anirudh sethi - March 12, 2018, 3:57 pm

    नमन

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:53 pm

    Wah

Leave a Reply