सावन

अम्बर बरसे धरती भींगे
नाचे श्रष्टि सारी
सावन की बरखा प्यारी

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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1 Comment

  1. Akanksha - July 22, 2018, 11:52 am

    Uttam

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