संसार

संसार मैं रहना है,
संसार मैं जीना है

मिलती हैं कुछ खुशियां,
कुछ गम भी पीना है

कभी होंठों पर मुस्कान
कभी आंसू पीना है

संसार मैं रहना है
संसान मैं जीना है

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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2 Comments

  1. Arun - July 10, 2018, 11:53 pm

    Kya khoob likha hai

  2. Vinita Shrivastava - July 19, 2018, 4:56 pm

    धन्यवाद आपका

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