शीर्षक – यादों का पिटारा….!!

शीर्षक – यादों का पिटारा….!!

लम्हे बचें जो जिंदगी के वो खुल के काट लें,
जो बाकी रह जाए पिटारे में उसे आपस में बांट लें,

वो नीले समंदर के किनारे,
पिघले मोती से अंगारे,
चल ख्वाहिशों की मुट्ठी में बांध लें,

वो रंगीन लम्हे जिंदादिल के सारे,
खुशी की चादर ओढ़े पलकों की बाहों में थाम ले,

धूप छांव के खेल निराले,
कुछ अपनी किस्मत के छाले,
अपनी प्रेम की वर्षा कर जिंदगी को जिंदगी का नाम दें,

लम्हे बचें जो जिंदगी के वो खुल के काट लें,
जो बाकी रह जाए पिटारे में उसे आपस में बांट लें…!!!

– राज बैरवा’मुसाफिर’

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

By Raj

1 Comment

  1. M Ranjan - November 22, 2017, 12:49 pm

    Beautiful

Leave a Reply