वक़्त

वक़्त ,है ये
कभी जमीं ,
तो कभी आसमा

गम की रफ़्तार है ऐ ,
कुछ लम्हा , कारबां

बड़ा सख्त है ऐ
वक़्त है ऐ

-विनीता श्रीवास्तव (नीरजा नीर)-

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5 Comments

  1. राही अंजाना - July 4, 2018, 3:27 pm

    वाह

  2. Chetan Pujara - July 4, 2018, 7:56 pm

    Nice

  3. Vinita Shrivastava - July 5, 2018, 12:11 pm

    धन्यवाद् 🙂

  4. Akanksha - July 22, 2018, 12:08 pm

    Sundar

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