विकराल बन तू महाकाल बन

✍🌹(अंदाज) 🌹✍
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विकराल बन तू महाकाल बन
मिसाल बन तू बेमिसाल बन

अनंत अकूत अद्भुत साहस धर
प्रचंड प्रबल प्रतिरुप विशाल बन

बुराईया मिटा हटा कुरूप रीतियां
संरक्षक सुसंस्कृती का ढाल बन

सभ्यता संस्कार रहे सुरक्षित सदा
सौहार्द्र समन्वयक शुद्ब बहाल बन

मानव की मानवता सम्मान बचा
स्वयं उत्तर बन तू नही सवाल बन

श्याम दास महंत
घरघोडा
जिला-रायगढ(छग)
✍🌹💛🙏🏻💛🌹✍
(दिनांक -06-04-2018

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