वजीर

शतरंज की बिसात का वो मोहरा हूँ मैं,
जो आखरी खाने पर पहुँच वजीर बन जाता है।।
राही (अंजाना)

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4 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 20, 2018, 7:28 pm

    Waah

  2. Neha - July 20, 2018, 8:55 pm

    Waah

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