यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं

यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं, यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं,
कोई हमसे ख़फ़ा है ही नहीं,
इश्क है मर्ज़ है इसकी कोई भी दवा है ही नहीं।।।
राही (अंजाना)

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1 Comment

  1. Neha Sharma - March 6, 2018, 5:17 pm

    nice.. please review my poem also

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