मेरे मित्र देवता हैं

जीवन के खत पर
लिखा वो पता हैं ,
मेरे मित्र ,मेरे लिए ,
देवता हैं।

धड़ी चाहे सुख की,
या हो चाहे दुख की,
किसी पल नहीं वे ,
हुए लापता हैं ।

जीवन में भरते हैं ,
रिश्तों के मेले ,
मेरे मित्र ,मेलों की
चिर भव्यता हैं ।

इनके प्रमाणन की
कब है जरूरत
चुनौती रहित ,इनकी
सर्वज्ञता हैं ।

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सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कहानी प्रतियोगिता


समयसीमा: 24 फ़रवरी (सन्ध्या 6 बजे)

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