मेरी लाल– लाल आँख देखकर मत कहना ।

मेरी लाल– लाल आँख देखकर मत कहना,
एे यार ,
तुम बहुत रोया है।
दरअसल दिल पर धुल जमीं थी—–
जिसे आँसु से धोया है।।
कहते है जमाने वाले इश्क मे दुनिया भर की खुशी मिलती,
पाने वाले पा़ये होगे—–
हमने तो शिर्फ खो़या है,रोया है,मेरी आँख देखकर मत कहना,यार तु बहुत रोया है।।
दुर हुआ जब उसने तन्हा–तन्हा फिरती हूँ
मेरे आँख पुछ कब तु सोया है,कब तु रोया है।
मैने तो इश्क मे शिर्फ खोया है,
दरअसल उसके नाम के धुल जमा था,
इसलिए आँसु से धोया है।।

ज्योति
मो न० 9123155481

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. राही अंजाना - June 6, 2018, 10:17 am

    वाह

  2. ज्योति कुमार - June 6, 2018, 12:15 pm

    धन्यवाद

  3. Mithilesh Rai - June 6, 2018, 9:35 pm

    बेहतरीन

Leave a Reply