मुक्तक

तेरे बग़ैर तन्हा रहने लगा हूँ मैं।
तेरी बेवफ़ाई को सहने लगा हूँ मैं।
जब भी ग़म तड़पाता है मेरे ख़्यालों को-
अश्क़ बनकर पलकों से बहने लगा हूँ मैं।

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. राही अंजाना - December 3, 2018, 11:24 pm

    वाह

  2. ashmita - December 4, 2018, 6:24 pm

    Nicely written

  3. Anjali Gupta - December 8, 2018, 10:48 am

    सुंदर प्रयास

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