मुक्तक

मैं तेरे बग़ैर तेरी तस्वीरों का क्या करूँ?
मैं तड़पाती यादों की जागीरों का क्या करूँ?
मैं अश्कों को पलकों में रोक सकता हूँ लेकिन-
मैं दर्द की लिपटी हुई जंजीरों का क्या करूँ?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

2 Comments

  1. राही अंजाना - November 15, 2018, 3:25 pm

    वाह सर

  2. ज्योति कुमार - November 22, 2018, 7:58 am

    वाह सर ।
    बेमिसाल

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