मुक्तक

तेरा ख़्याल ख़ुद को समझाने का रास्ता है।
तेरी याद दिल को बहलाने का रास्ता है।
जब जाग जाती है लबों पर तेरी तिश्नगी-
हर शाम मयखानों में जाने का रास्ता है।

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

2 Comments

  1. ज्योति कुमार - August 5, 2018, 8:58 am

    Kya baat hai

  2. राही अंजाना - August 6, 2018, 2:06 pm

    Waah

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