मुक्तक

हम तेरी याद में रो भी लेते हैं।
हम तन्हा गमज़दा हो भी लेते हैं।
जब रंग सताता है तेरे हुस्न का-
हम खुद को नशे में खो भी लेते हैं।

रचनाकार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

4 Comments

  1. Neha - July 11, 2018, 7:38 pm

    Waah

  2. राही अंजाना - July 11, 2018, 9:02 pm

    Waah sir

  3. ज्योति कुमार - July 11, 2018, 9:08 pm

    सुपर क्या बात है।

  4. Antariksha Saha - July 11, 2018, 10:59 pm

    bahut khub sir

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