मुक्तक

अभी तेरी आरज़ू का ग़ुबार है दिल में।
अभी तेरी यादों का संसार है दिल में।
ख़ौफ भी रुसवाई का मौजूद है लेकिन-
अभी तेरे ख़्यालों का बाज़ार है दिल में।

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 6, 2018, 7:52 am

    बहुत अच्छा

  2. Antariksha Saha - July 6, 2018, 12:34 pm

    awesome

  3. राही अंजाना - July 10, 2018, 3:07 pm

    Waah

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