मुक्तक

फसाना जिंदगी का अजीब जैसा है!
हर ख्वाब आदमी का रकीब जैसा है!
बदली हुई निगाहों का खौफ है दिल में,
मंजिलों का मिलना तरकीब जैसा है!

मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

4 Comments

  1. Neha - June 16, 2018, 10:18 pm

    Osm

  2. ज्योति कुमार - June 17, 2018, 7:49 am

    बहुत खुब

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