मुक्तक

तेरी नजर हाल-ए-दिल बयान कर देती है!
तेरी नजर चाहत का ऐलान कर देती है!
ख़्वाहिशें बंध जाती हैं साँसों की डोर से,
तेरी याद रातों को वीरान कर देती है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. Neha - June 13, 2018, 7:20 pm

    बहुत खूब सर

  2. देव कुमार - June 13, 2018, 9:12 pm

    Bahut khoob Mithlesh ji

  3. राही अंजाना - June 14, 2018, 3:34 pm

    Nice one

Leave a Reply