मुक्तक

तेरी चाहत मेरे गुनाह की तरह है!
तेरी तिश्नगी दिल में आह की तरह है!
खींच लेती है खुशबू तेरे ख्यालों की,
तेरी याद बेखुदी की राह की तरह है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

4 Comments

  1. Panna - April 25, 2018, 11:18 am

    Like always…splendid.

  2. Anirudh sethi - April 25, 2018, 7:06 pm

    nice sir

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