मुक्तक

तेरी यादों के कदम रुकते नहीं कभी!
तेरी जुल्फों के सितम रुकते नहीं कभी!
रोशनी उम्मीदों की जलती है हरदम,
तेरी चाहत के वहम रुकते नहीं कभी!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. Priya Bharadwaj - April 6, 2018, 7:11 am

    nice lines

  2. Anirudh sethi - April 6, 2018, 1:52 pm

    kya baat he…nice

  3. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:39 pm

    Waah

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