मुक्तक

हमें आप जब कभी याद आने लगते हैं!
हमें दर्द ख्वाहिशों के सताने लगते हैं!
यूँ पास आ जाते हो मेरी निगाहों में,
हमें ख्वाब गुफ्तगूं के जलाने लगते हैं!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

2 Comments

  1. Priya Bharadwaj - April 1, 2018, 9:33 pm

    sanjeeda kavita

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:41 pm

    Waah

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